लखनऊ, 20 मई 2026:
भीषण गर्मी के बीच यूपी की राजधानी लखनऊ में बिजली संकट अब जनआक्रोश में बदलता जा रहा है। रोजाना घंटों की बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा अब सड़कों से निकलकर पावर हाउसों तक पहुंच चुका है। मंगलवार रात शहर के कई इलाकों में बिजली गुल होते ही लोगों ने जमकर हंगामा किया। कहीं पावर हाउसों का घेराव हुआ तो कहीं बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके से भागते नजर आए। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब राजनीतिक गलियारों में भी बिजली संकट बड़ा मुद्दा बन गया है।
लखनऊ पश्चिम से सपा विधायक अरमान खान बुधवार को तालकटोरा पावर हाउस पर धरने पर बैठ गए। वहीं लखनऊ उत्तर से भाजपा विधायक डॉ. नीरज बोरा ने अपने विधानसभा क्षेत्र के मोहल्लों में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल समाधान की मांग की है।

लखनऊ में बिजली गुल होने से परेशान लोग लगातार सड़क पर आ रहे हैं। केसरी खेड़ा इलाके के आरडीएसओ पावर हाउस पर मंगलवार देर रात सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज भीड़ के पहुंचते ही बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वहां से निकल गए।
हालात संभालने के लिए दो थानों की पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। स्थानीय पार्षद देवेंद्र यादव का आरोप है कि सूर्यनगर इलाके का ट्रांसफार्मर आए दिन खराब हो जाता है। विभाग सुबह उसे ठीक करता है लेकिन रात में फिर बिजली चली जाती है। इससे करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।

नादरगंज के अंबेडकर पावर हाउस पर भी बिजली कटौती को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा। हालात ऐसे बने कि एसएसओ समेत अन्य कर्मचारी पावर हाउस छोड़कर चले गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
राजाजीपुरम के सारीपुर इलाके में भी लोग सड़क पर उतर आए। वहीं काकोरी क्षेत्र की जनता विहार कॉलोनी पिछले चार दिनों से गंभीर बिजली संकट झेल रही है। यहां लोगों को पूरे दिन में महज दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। लो-वोल्टेज और कभी-कभी हाई-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच राजधानी का यह बिजली संकट अब सरकार और बिजली विभाग दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।






