लखनऊ, 20 मई 2026:
लखनऊ विश्वविद्यालय में विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्रों का आंदोलन थम नहीं रहा है। बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बन गया। अलग-अलग छात्र संगठनों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। एक तरफ बिरसा अंबेडकर फुले समाजवादी छात्र संगठन (बापसा) ने नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका, तो दूसरी ओर एबीवीपी के छात्रों ने एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

बापसा से जुड़े छात्र विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 पर इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप था कि नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है। इसके लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। छात्रों ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह विफल करने का आरोप लगाया और कहा कि युवाओं का भरोसा लगातार टूट रहा है।
वहीं दूसरी ओर एबीवीपी के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र गेट नंबर-1 पर पहुंचे और एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के परिणामों में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में अचानक बदलाव कर छात्रों के भविष्य के साथ प्रयोग किया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि पहले एलएलबी परीक्षा में 70 अंक की थ्योरी और 30 अंक का प्रैक्टिकल होता था, लेकिन इस बार थ्योरी 90 अंक और प्रैक्टिकल केवल 10 अंक का कर दिया गया।

इतना ही नहीं, परीक्षा पत्रों के मूल्यांकन में भी 70 अंक के पैटर्न को जोड़ने जैसी तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। लगातार हो रहे प्रदर्शनों से विश्वविद्यालय परिसर का माहौल गरमा गया है। छात्रों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।






