लखनऊ, 9 मार्च 2026:
यूपी सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस परियोजना का लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। इससे लगभग एक करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। इसके साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि इन पदों पर लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित करने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह एमओयू प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आज की सबसे बड़ी जरूरत अधिक से अधिक रोजगार के अवसर तैयार करना है। यदि रोजगार तकनीक के माध्यम से मिलता है तो वह अधिक प्रभावी और टिकाऊ होता है। इसी सोच के साथ सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहयोग भी दे रही है। जनवरी 2024 में शुरू की गई योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी के उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका लाभ अब तक एक लाख से अधिक लोग ले चुके हैं।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल डिवाइड और संभावित एआई डिवाइड को कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
परियोजना के माध्यम से गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ओटीटी सेवाएं और हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जाएगा। इससे टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स, डिजिटल स्किलिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी। साथ ही श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में भी डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हिंदुजा ग्लोबल सोल्यूशन के डायरेक्टर विंसले फर्नांडीज ने कहा कि जिस तरह मां गंगा करोड़ों लोगों के जीवन और रोजगार का आधार हैं। उसी सोच के साथ इस पहल को ‘प्रोजेक्ट गंगा’ नाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के दो प्रमुख स्तंभ युवा और महिला सशक्तीकरण हैं। इसके तहत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना से दूर-दराज के अंडर-सर्व्ड और अनसर्व्ड क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचेगी। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आय अर्जित करने के नए रास्ते खुलेंगे और प्रदेश में डिजिटल सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव शन्मुगा सुंदरम, एसटीसी के एसीईओ अक्षत वर्मा, हिंदुजा ग्रुप के प्रतिनिधि डॉ. एसके चड्ढा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






