National

रामनगरी : त्रेता युग की याद दिलाएगा ‘भरत द्वार’… फरवरी से करेगा श्रद्धालुओं का अभिनंदन

रामायण काल की थीम पर अयोध्या-सुल्तानपुर मार्ग पर हो रहा निर्माण, करीब 2025 लाख का है प्रोजेक्ट, आसपास मिलेंगी पार्किंग व टॉयलेट आदि बुनियादी सुविधाएं

अयोध्या, 30 जनवरी 2026:

अयोध्या आने वाले राम भक्तों के स्वागत के लिए बन रहे भरत द्वार का निर्माण अब अपने अंतिम दौर में है। अयोध्या-सुल्तानपुर मार्ग (मैनुदीनपुर प्रयागराज मार्ग) पर गेट कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में तैयार हो रहा यह भव्य द्वार योगी सरकार की प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं में शामिल है। करीब 2025 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है।

पर्यटन विभाग की इस योजना का निर्माण कार्य यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड करा रहा है। परियोजना प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक फरवरी 2026 तक सभी शेष कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दौरान भरत द्वार के उद्घाटन की भी संभावना है।

करीब 4.410 हेक्टेयर क्षेत्र में बन रहा यह प्रवेश द्वार अयोध्या नगरी में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहला स्वागत स्थल होगा। भरत द्वार को भगवान राम के अनुज भरत की भक्ति, त्याग और मर्यादा के प्रतीक के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को भावनात्मक जुड़ाव का एहसास कराएगा।

WhatsApp Image 2026-01-30 at 10.41.56 AM

अयोध्या से जुड़े छह मार्गों पर बन रहे प्रवेश द्वार

राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में अयोध्या से जुड़ने वाले छह प्रमुख मार्गों पर रामायण से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। इनमें राम द्वार, लक्ष्मण द्वार, शत्रुघ्न द्वार, भरत द्वार, सीता द्वार और हनुमान द्वार शामिल हैं। अयोध्या–सुल्तानपुर मार्ग पर बन रहा भरत द्वार इसी श्रृंखला का अहम हिस्सा है।

द्वार में रामायण काल की झलक

भरत द्वार को आकर्षक और भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। यहां रामायण काल की थीम पर आधारित मूर्तियां, कलात्मक नक्काशी, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि अयोध्या में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को त्रेता युग की अनुभूति हो।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पहल

राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। रोजाना बड़ी संख्या में राम भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में शहर के प्रवेश द्वारों को भव्य बनाने से न सिर्फ यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन को भी नया बल मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

आसपास सुविधाओं का भी विकास

परियोजना के तहत द्वार के आसपास हरित क्षेत्र, पार्किंग, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। निर्माण कार्य में स्थानीय कारीगरों, वास्तुकारों और इंजीनियरों की भागीदारी से परंपरागत शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का बेहतर तालमेल देखने को मिल रहा है। इससे आसपास के इलाकों में रोजगार के मौके भी बढ़े हैं।

काम की स्थिति

दो गेट, सड़क, सीवर, ड्रेनेज, सिंचाई लाइन, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बाउंड्रीवाल, फायर फाइटिंग और ईएसएस का काम पूरा हो चुका है। एसटीपी का करीब 85 प्रतिशत, यूजीटी का 90 प्रतिशत, पार्किंग का 80 प्रतिशत और आंतरिक विद्युतीकरण का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button