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कल से बदलेंगे नियम: टैक्स, GST से लेकर गैस-दवाओं तक असर…जानें जेब पर क्या पड़ेगा फर्क

नए वित्तीय साल की शुरुआत के साथ आयकर कानून में बड़ा बदलाव, 12 लाख तक आय टैक्स फ्री, जीएसटी ढांचे में फेरबदल, गैस, दवाएं और कारें महंगी, कई जरूरी चीजों पर राहत भी

बिजनेस डेस्क, 31 मार्च 2026:

देश में 1 अप्रैल से नया वित्तीय साल शुरू होते ही आम लोगों की जेब से जुड़ी कई अहम चीजें बदलने जा रही हैं। करीब छह दशक पुराने आयकर कानून की जगह अब नया आयकर अधिनियम लागू होगा। इसके साथ जीएसटी व्यवस्था में बदलाव, बैंकिंग नियमों में सख्ती और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

एक अप्रैल से होने वाले बदलावों से सिस्टम को ज्यादा डिजिटल और सख्त बनाया जा रहा है, वहीं आम लोगों को कुछ राहत के साथ कुछ नए खर्चों का सामना भी करना पड़ेगा। इन बदलावों का असर सीधे सैलरी, बचत, निवेश और खर्च पर पड़ेगा। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि क्या सस्ता होगा, क्या महंगा और किन नियमों में बदलाव आपकी प्लानिंग को प्रभावित करेगा।

कुछ जरूरी काम 31 मार्च को निपटाने होंगे

वित्तीय साल खत्म होने से पहले कुछ काम निपटाना जरूरी है, वरना नुकसान उठाना पड़ सकता है। टैक्स बचत के लिए पीपीएफ, ईएलएसएस और बीमा में निवेश आज ही करना होगा, तभी मौजूदा साल में छूट मिलेगी। पीपीएफ, एनपीएस और सुकन्या खाते चालू रखने के लिए न्यूनतम रकम जमा करना जरूरी है। पुराने साल का अपडेटेड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख भी आज ही है। विदेशी आय वालों को टैक्स क्रेडिट के लिए फॉर्म 67 जमा करना होगा।

टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की कोशिश

नए कानून के तहत अब टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की कोशिश की गई है। 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। सैलरी वालों के लिए 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन जारी रहेगा। अब असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर जैसी टर्म खत्म कर दी गई हैं, सिर्फ टैक्स ईयर का इस्तेमाल होगा। पुरानी टैक्स व्यवस्था में भी कुछ राहत दी गई है। बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ता बढ़ाया गया है। कुछ बड़े शहरों को एचआरए में ज्यादा छूट वाले दायरे में शामिल किया गया है। निवेश से जुड़े नियम भी बदले हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, शेयर बायबैक और एफएंडओ ट्रेडिंग पर टैक्स का असर बढ़ेगा।

जीएसटी में रखे गए कम स्लैब

जीएसटी में अब कम स्लैब रखे गए हैं। स्वास्थ्य बीमा, कुछ जरूरी दवाएं और खुला डेयरी सामान टैक्स फ्री हो गया है। छोटी कारें, एसी और टीवी सस्ते हो सकते हैं क्योंकि टैक्स कम हुआ है। तंबाकू, लग्जरी गाड़ियां और ऑनलाइन गेमिंग महंगे होंगे, इन पर ज्यादा टैक्स लगेगा।

इनकी कीमतों में हुआ इजाफा

1 अप्रैल से कुछ जरूरी चीजों पर खर्च बढ़ेगा। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये का इजाफा हुआ है। कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा हुआ है, जिससे होटल-रेस्तरां में खर्च बढ़ सकता है। करीब 900 जरूरी दवाओं की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी मंजूर की गई है। कार कंपनियों ने भी दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे गाड़ी खरीदना महंगा होगा।

बैंकिंग और डिजिटल नियम में बदलाव

बैंकिंग सिस्टम में भी बदलाव दिखेगा। अब एटीएम से कार्डलेस निकासी भी लिमिट में गिनी जाएगी। न्यूनतम बैलेंस न रखने पर चार्ज अब तय फॉर्मूले से लगेगा। डिजिटल पेमेंट में सिर्फ ओटीपी नहीं, अतिरिक्त सुरक्षा जरूरी होगी। नया पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार के साथ जन्म प्रमाण भी देना होगा।

पेंशन व बीमा के साथ हेल्थ इंश्योरेंस में राहत

एनपीएस में अब रिटायरमेंट के समय ज्यादा रकम एकमुश्त निकाली जा सकेगी। छोटा फंड होने पर पूरी रकम निकालने की छूट मिलेगी। हेल्थ इंश्योरेंस में भी राहत दी गई है। पांच साल तक प्रीमियम भरने के बाद पुरानी बीमारी के आधार पर क्लेम खारिज नहीं किया जा सकेगा।

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