
लखनऊ, 4 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के तेजी से विकसित हो रहे सरोजनीनगर क्षेत्र में सड़क, सीवर, जल निकासी और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाओं को नई गति देने की तैयारी है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सरोजनीनगर के मौजूदा विकास कार्यों की प्रगति साझा की और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए करीब 500 करोड़ रुपये के विशेष अवस्थापना विकास पैकेज समेत कई अहम प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखे।
डॉ. सिंह ने विशेष रूप से पंडित खेड़ा, गौरी और नीलमथा जैसे तेजी से विकसित हो रहे लेकिन मूलभूत सुविधाओं की जरूरत वाले क्षेत्रों पर फोकस किया। प्रस्तावित पैकेज में सड़क, सीवर, नाला और जल निकासी से जुड़े कार्य शामिल हैं। विधायक ने वर्तमान आकलन के अनुसार करीब 404.18 करोड़ के आवश्यक कार्यों को भी इस पैकेज में शामिल करने का आग्रह किया।
10 नालों से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान
सरोजनीनगर के शहरी क्षेत्रों में जलभराव को बड़ी समस्या बताते हुए विधायक ने 10 प्रमुख नालों के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति की मांग की। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से राहत दिलाने के साथ जल निकासी व्यवस्था को दीर्घकालिक आधार पर मजबूत करना है।
यातायात और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए गए। अवध विहार योजना और अंसल एपीआई क्षेत्र के लोगों की शहीद पथ तक आसान पहुंच के लिए रैंप निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। वहीं चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए बंगला बाजार से शहीद पथ के ऊपर बिजनौर रोड की ओर एलिवेटेड रोड बनाने का सुझाव दिया गया।
एयरो सिटी और एआई सिटी पर भी जोर
सरोजनीनगर को औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में विकसित करने के लिए अमौसी एयरो सिटी और नादरगंज एआई सिटी परियोजनाओं की प्रगति तेज करने की मांग की गई। किसानों और कृषि व्यापार को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बंथरा में विशिष्ट मंडी स्थल विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
राष्ट्रसेवा के पुनीत पथ पर अविरल गतिमान, दूरदर्शी, सर्वस्पर्शी मुख्यमंत्री, परम श्रद्धेय योगी आदित्यनाथ जी से शिष्टाचार भेंटकर उनका आत्मीय मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
स्नेहिल भेंट के दौरान श्रद्धेय श्री @myogiadityanath जी को सरोजनीनगर में संचालित विकास कार्यों से अवगत कराया। इस दौरान क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु विभिन्न प्रस्ताव एवं पत्र भी सौंपे।
प्रमुख विषयों में :
* सरोजनीनगर के तेजी से विकसित हो रहे एवं मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों, विशेषकर पंडित खेड़ा, गौरी एवं नीलमथा सहित अन्य क्षेत्रों में सड़क, सीवर, नाला एवं जल निकासी के लिए लगभग ₹500 करोड़ के विशेष अवस्थापना विकास पैकेज की स्वीकृति का अनुरोध किया। प्रस्ताव में वर्तमान में आकलित लगभग ₹404.18 करोड़ के आवश्यक कार्यों को भी समाहित करने का आग्रह किया गया है।
* शहरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु 10 प्रमुख नालों के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।
* अवध विहार योजना एवं अंसल API क्षेत्र के निवासियों की शहीद पथ तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए शहीद पथ पर चढ़ने-उतरने हेतु रैम्प निर्माण का प्रस्ताव रखा।
* चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव के स्थायी समाधान हेतु बंगला बाजार की ओर से शहीद पथ के ऊपर बिजनौर रोड की ओर Elevated Road के निर्माण का अनुरोध किया।
* सरोजनीनगर के आर्थिक एवं तकनीकी विकास को नई गति देने वाली अमौसी Aero City एवं नादरगंज AI City परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने एवं कार्यों को गति देने का अनुरोध किया।
* किसानों एवं कृषि व्यापार को सशक्त करने के लिए बंथरा मंडी क्षेत्र में विशिष्ट मंडी स्थल के निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही का अनुरोध किया।
* सिख गुरुओं के गौरवशाली इतिहास, त्याग एवं बलिदान को समर्पित प्रस्तावित ‘विरासत-ए-खालसा तीर्थस्थल’ को राज्य कार्य योजना 2026–27 में सम्मिलित कर आवश्यक धनराशि/स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।
* विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए कार्यरत बिजली कर्मियों पर पूर्व में की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई वापस लिए जाने के विषय पर भी मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट किया।
श्रद्धेय मुख्यमंत्री जी ने सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना। सरोजनीनगर को आधुनिक, सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना हमारा संकल्प है। क्षेत्रवासियों की प्रत्येक जनसमस्या के समाधान और विकास की प्रत्येक संभावना को धरातल पर उतारने के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
— Rajeshwar Singh (@RajeshwarS73) October 3, 2026
इसके साथ ही सिख गुरुओं के इतिहास, त्याग और बलिदान को समर्पित प्रस्तावित ‘विरासत-ए-खालसा तीर्थस्थल’ को राज्य कार्ययोजना 2026-27 में शामिल करने और आवश्यक बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। विद्युत व्यवस्था सुधार में लगे बिजली कर्मियों पर पूर्व में हुई कार्रवाई वापस लेने का विषय भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया।
डॉ. राजेश्वर सिंह के मुताबिक ब्रह्मोस परियोजना, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, अशोक लेलैंड की ग्रीनफील्ड इकाई, एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और आधुनिक वाणिज्यिक केंद्रों के कारण सरोजनीनगर तेजी से बदल रहा है। अब अगले चरण में बेहतर सड़क, जल निकासी, सीवर, रोजगार और नागरिक सुविधाओं को विकास की प्राथमिकता बनाने पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुना।






