Uttar Pradesh

UP में सोलर दीदी बन रहीं ऊर्जा क्रांति की कमांडर, वाराणसी की महिलाएं संभालेंगी हरित ताकत

14 हजार रुपये मासिक वेतन, मुफ्त 2 किलोवाट सोलर प्लांट और सरकारी प्रोत्साहन के साथ महिलाओं को मिल रहा रोजगार, सम्मान और ऊर्जा नेतृत्व का नया मंच

लखनऊ, 23 मई 2026:

यूपी में हरित ऊर्जा क्रांति अब महिलाओं के हाथों नई रफ्तार पकड़ रही है। वाराणसी की महिलाएं सोलर दीदी बनकर अपने घरों को रोशन करने के साथ पूरे प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रही हैं। महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाली यह पहल अब रोजगार, सम्मान और नेतृत्व का बड़ा माध्यम बनती जा रही है।

सोलर दीदी योजना के तहत महिलाओं को सौर ऊर्जा उपकरणों की तकनीकी जानकारी, इंस्टॉलेशन और संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खास बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद चयनित महिलाओं को वाराणसी में ही काम करने का अवसर मिलेगा। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी।

यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह के अनुसार नेडा के इम्पेनल्ड वेंडर्स चयनित सोलर दीदियों को 14,196 प्रति माह का वेतन देंगे। इतना ही नहीं हर महिला को लगभग ₹1.30 लाख मूल्य का 2 किलोवाट का सोलर प्लांट पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उनके अपने घर भी सौर ऊर्जा से जुड़ सकेंगे। आधुनिक ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को मुफ्त इंडक्शन स्टोव भी दिया जाएगा।

इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा हर सफल सोलर इंस्टॉलेशन पर 1000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। यानी महिलाएं अब केवल प्रशिक्षण लेने वाली प्रतिभागी नहीं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र की सक्रिय प्रोफेशनल बनकर उभरेंगी।

विभाग ने सभी प्रशिक्षुओं से समय पर प्रशिक्षण केंद्र पहुंचने, सात दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से पूरा करने और टेस्ट उत्तीर्ण करने की अपील की है। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल केवल रोजगार तक सीमित नहीं है। महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

प्रदेश में सौर ऊर्जा विस्तार के आंकड़े भी इस बदलाव की ताकत बयां कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में अब तक 5.44 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। राज्य में 9.68 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें बड़े स्तर पर स्वीकृति और स्थापना सुनिश्चित की गई।

इससे प्रदेश में 1844.87 मेगावाट की क्षमता विकसित हुई है। केंद्र सरकार द्वारा 3539 करोड़ और राज्य सरकार द्वारा 1200 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी जारी की जा चुकी है। आज प्रदेश में प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली सौर ऊर्जा से पैदा हो रही है। इसकी कीमत 5 करोड़ रुपये प्रतिदिन से अधिक आंकी जा रही है।

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