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जरूरत नहीं थी, फिर भी खरीद लिया… कहीं आपके साथ भी तो नहीं हो रहा ऐसा बार-बार

'अभी खरीदें' और 'लिमिटेड स्टॉक' जैसे संदेश उपभोक्ताओं को कर रहे हैं प्रभावित, अनावश्यक खरीदारी से घरेलू बजट पर पड़ रहा असर

न्यूज डेस्क, 8 जून 2026:

ऑफर खत्म होने में सिर्फ 10 मिनट बाकी हैं। कुछ ही पीस शेष हैं।आज ही खरीदें और 70 प्रतिशत तक छूट पाएं। ऑनलाइन या ऑफलाइन शॉपिंग करते समय ऐसे संदेश शायद आपने भी कई बार देखे होंगे। कई बार हम सिर्फ देखने के लिए किसी वेबसाइट या ऐप को खोलते हैं और कुछ ही मिनटों बाद कोई ऐसा सामान खरीद लेते हैं जिसकी हमें वास्तव में जरूरत नहीं होती।

इसके अलावा जब हम किसी भी शोरूम या किसी शॉप में खरीदारी करने जाते हैं और आकर्षक स्कीम एवं विशेष छूट जैसे ऑफर के प्रलोभन में आकर अक्सर अनावश्यक चीजों को खरीद लेते हैं। इस व्यवहार को मनोविज्ञान की भाषा में ‘इंपल्स बाइंग’ यानी आवेग में की गई खरीदारी कहा जाता है। स्मार्टफोन, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और लगातार मिलने वाले ऑफर्स ने खरीदारी को इतना आसान बना दिया है कि कई लोग बिना सोचे-समझे खर्च करने लगे हैं।

Stop Overspending Recognize Your Buying Habits (1)

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यह व्यवहार विशेष रूप से युवाओं उपभोक्ताओं के बीच तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ आज के लिए ऑफर’, लिमिटेड स्टॉक और बड़ी छूट जैसे संदेश उपभोक्ताओं पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं जिससे वे तुरंत खरीदारी का निर्णय ले लेते हैं।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि तनाव, अकेलापन, बोरियत और भावनात्मक दबाव भी लोगों को अनावश्यक खरीदारी की ओर धकेल सकते हैं। कई लोगों को नई वस्तु खरीदने के बाद कुछ समय के लिए खुशी और संतुष्टि महसूस होती है जिसके कारण यह आदत बार-बार दोहराई जाती है।

Stop Overspending Recognize Your Buying Habits (2)

सोशल मीडिया भी इस प्रवृत्ति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इन्फ्लुएंसर्स और लगातार दिखाई देने वाले विज्ञापन उपभोक्ताओं के मन में नई चीजें खरीदने की इच्छा पैदा करते हैं। कई बार लोग जरूरत के बजाय ट्रेंड और दिखावे के कारण खरीदारी कर बैठते हैं।

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