लखनऊ/फिरोजाबाद, 19 अप्रैल 2026:
यूपी के फिरोजाबाद में प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हलचल मच गई जब डीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाली टूंडला तहसीलदार राखी शर्मा के खिलाफ ही शासन ने कड़ा एक्शन ले लिया। शासन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें राजस्व परिषद मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध करते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जिस जमीन विवाद की जांच तहसीलदार राखी शर्मा कर रही थीं अब उसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। इस पूरे मामले की जांच मंडलायुक्त लखनऊ को सौंपी गई है।
बताया जा रहा है कि आगरा के बल्केश्वर निवासी राखी शर्मा 4 सितंबर 2024 से टूंडला तहसील में तैनात थीं। गत गुरुवार को डीएम ने उनका स्थानांतरण टूंडला से शिकोहाबाद तहसील कर दिया था। इसके कुछ ही घंटों बाद राखी शर्मा ने तहसील परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डीएम पर गंभीर आरोपों की बौछार कर दी।
राखी शर्मा ने आरोप लगाया कि डीएम और उनके कुछ अधीनस्थ कर्मचारियों ने उन्हें लगातार परेशान किया। उन्होंने दावा किया कि आठ महीने तक उनका वेतन रोका गया और महंगे गिफ्ट्स की मांग की गई। तहसीलदार के मुताबिक उनसे करीब 1.75 लाख रुपये का आईफोन और आईवॉच मांगी गई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जो आईफोन दिया था वह एक अधिकारी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
तहसीलदार ने मीडिया से कहा कि जुलाई में एक शिकायत आई थी जिसमें कलेक्ट्रेट के कुछ कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इस मामले को लेकर उन्होंने कार्रवाई की कोशिश की लेकिन इसके बाद से ही उन्हें निशाना बनाया जाने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों ने डीएम को गुमराह कर उनके खिलाफ माहौल बनाया।
ट्रांसफर आदेश के बाद तहसीलदार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई थी। इसके अगले दिन उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले को सार्वजनिक कर दिया। अब इस प्रकरण में शासन के एक्शन के बाद सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं जो इस हाई-प्रोफाइल विवाद की सच्चाई सामने ला सकती हैं।






