हरदोई, 31 जनवरी 2026:
पाली थाना परिसर उस वक्त मातम में डूब गया, जब वहां तैनात सिपाही के आठ माह के मासूम बेटे सूर्यांश की खेलते-खेलते मौत हो गई। मासूम की सांसें गले में जाकर फंसे एक छोटे से गुब्बारे की वजह से अचानक थम गई, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
पाली थाने में तैनात सिपाही टीटू अपनी पत्नी सुषमा और बेटे सूर्यांश के साथ थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में रहते थे। घटना के समय सिपाही टीटू सरकारी कार्य से हरदोई गए हुए थे। घर पर मां सुषमा थी। पास ही सूर्यांश गुब्बारे से खेल रहा था।
खेल-खेल में सूर्यांश ने एक छोटा गुब्बारा मुंह में डाल लिया, जो उसके गले में फंस गया। धीरे-धीरे उसकी सांस रुकने लगी और वह अचेत हो गया। मासूम को शांत देख मां सुषमा ने पहले उसे सोता हुआ समझा, लेकिन जब उसके शरीर में झटके आने लगे तो मां की चीख निकल गई।
मां के शोर मचाते ही थाने में मौजूद कांस्टेबल तेजवीर ने बिना समय गंवाए बच्चे को गोद में उठाया और तत्काल पाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सूर्यांश को मृत घोषित कर दिया। जांच के दौरान नर्स ने बच्चे के गले में फंसे गुब्बारे को बाहर निकाला। चिकित्सक डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि बच्चे की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।
बेटे की मौत की सूचना मिलते ही सिपाही टीटू हरदोई से तुरंत पाली लौटे। मासूम का निश्चल शरीर देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। थाना परिसर में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। घटना के बाद सिपाही टीटू अपने बेटे का शव लेकर अपने पैतृक गांव बदायूं के लिए रवाना हो गए। पूरे परिवार में शोक का माहौल है और एक हंसता-खेलता घर सूना कर दिया।






