लखनऊ, 17 फरवरी 2026:
यूपी बोर्ड की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो रही हैं। इस बार परीक्षा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा और तकनीकी निगरानी के इंतजाम किए गए हैं। 12 मार्च तक चलने वाली इन परीक्षाओं में प्रदेश भर से 53,37,778 परीक्षार्थी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 596 राजकीय, 3453 सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालय शामिल हैं। परीक्षा से पहले माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने लखनऊ स्थित शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) शिविर कार्यालय में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस वर्ष परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया गया है।
संवेदनशीलता के लिहाज से 18 जनपदों को चिन्हित किया गया है। वहीं 222 परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। इन केंद्रों पर एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई की विशेष तैनाती रहेगी। अति संवेदनशील केंद्रों का दिन में दो बार निरीक्षण अनिवार्य किया गया है।
परीक्षा कक्षों में वॉयस रिकॉर्डरयुक्त दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़े रहेंगे। पूरी परीक्षा अवधि की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के जरिए होगी। स्ट्रांग रूम 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रहेंगे और सभी 75 जनपदों के स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र वितरण कक्ष तथा उत्तर पुस्तिका सीलिंग-पैकिंग कक्ष की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 8033 केंद्र व्यवस्थापक और उतने ही बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, 8033 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 427 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। साथ ही 69 मंडलीय और 440 जनपदीय सचल दल लगातार निरीक्षण करेंगे।
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में टोल-फ्री हेल्पलाइन 18001806607 और 18001806608 जारी की गई है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे। प्रयागराज मुख्यालय के साथ वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं।
नकल रोकने के लिए अतिरिक्त रिजर्व प्रश्नपत्र डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखे गए हैं। उत्तर पुस्तिकाओं में विशेष सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं ताकि अदला-बदली की आशंका न रहे। इस बार पहली बार यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाओं की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी।
प्रदेश में लागू ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत किसी भी तरह की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने परीक्षार्थियों से अपील की कि वे बिना तनाव के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।





