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UP में हरियाली का महायज्ञ 12 को, एक पेड़ मां के नाम बनेगा जन आंदोलन, पौधा लगाएं और बचाएं भी

वर्ष 2030 तक 15% और 2047 तक 20% हरित आवरण का लक्ष्य, पांच वर्षों तक हर साल 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे, हर घंटे जारी होगी प्रगति रिपोर्ट

लखनऊ, 7 जुलाई 2026:

पौधा लगाकर भूलना नहीं, उसे वृक्ष बनाना ही असली सफलता है। इस संदेश के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने 12 जुलाई को होने वाले ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान को प्रदेश का सबसे बड़ा जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने साफ कहा कि पौधरोपण सरकारी कार्यक्रम नहीं अपितु प्रकृति संरक्षण, जल सुरक्षा, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।

पहले से ये व्यवस्थाएं करने के निर्देश

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पौधरोपण महाभियान-2026 की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए कि अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। पौधरोपण स्थलों का सत्यापन, गड्ढों की तैयारी, पौधों की उपलब्धता, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रजातियों का चयन, सिंचाई, जियो टैगिंग और नियमित निगरानी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। अभियान के दिन हर एक घंटे में प्रगति रिपोर्ट जारी करने के भी निर्देश दिए गए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हरित विकास के बिना हासिल नहीं किया जा सकता। इसी सोच के तहत प्रदेश ने वर्ष 2030 तक हरित आवरण 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए अगले पांच वर्षों तक हर साल 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इससे लगभग 72 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करने की क्षमता विकसित होगी।

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2017 से 2025 के बीच लगाए गए 242 करोड़ पौधे

बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश हरित क्षेत्र बढ़ाने में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। वर्ष 2017 से 2023 के बीच वन एवं वृक्षावरण में 3.38 लाख एकड़ की वृद्धि दर्ज हुई है। भारतीय वन सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश का वन एवं वृक्षावरण 9.18 प्रतिशत से बढ़कर 9.96 प्रतिशत हो गया है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच 242 करोड़ पौधों का रोपण किया गया। 2009 से 2016 के बीच यह संख्या 51.48 करोड़ थी। इस अभियान के लिए 1,939 विभागीय पौधशालाओं सहित विभिन्न माध्यमों से 50 करोड़ से अधिक पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। 38 नई पौधशालाएं भी स्थापित की गई हैं।

किसान से छात्र तक सब लगाएंगे पौधे

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों, किसान उत्पादक संगठनों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, रेलवे, रक्षा मंत्रालय, न्यायालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी कर्मचारियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने फलदार, छायादार, औषधीय और इमारती प्रजातियों के संतुलित रोपण पर विशेष जोर दिया।

बैठक में मिशन छाया, समृद्धि वन, समरस वन, सिटी वन, कपि वन, महर्षि चरक औषधि वन, ऊर्जा वन, पौराणिक वन और अविरल धारा वन जैसी नई पहलों की भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में सभी विभागों के माइक्रोप्लान और समन्वय की प्रक्रिया पूरी कर 12 जुलाई के अभियान को जनभागीदारी का ऐतिहासिक उत्सव बनाने के निर्देश दिए।

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