
लखनऊ, 24 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में आला अफसरों की नाक के नीचे अलीगंज स्थित तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, विकास प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीमें प्रदेशभर में सुरक्षा मानकों की पड़ताल कर रही हैं।
शुरुआती कार्रवाई में ही सौ से अधिक कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सीलिंग, नोटिस और अन्य दंडात्मक कदम उठाए गए हैं। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कुछ जिलों में सोमवार देर शाम से ही जांच शुरू हो गई थी। इसे मंगलवार को और तेज कर दिया गया। जांच के दौरान गैर-पंजीकृत कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना, विद्युत सुरक्षा और अन्य अनिवार्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई।
प्रयागराज में मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि नगर के 97 पंजीकृत कोचिंग संस्थानों में से केवल 15 के पास ही फायर एनओसी है। फायर विभाग ने 10 विशेष टीमें गठित कर लगातार निरीक्षण शुरू कर दिया है। इसी कार्रवाई के तहत सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सील कर दिया।
प्रदेश का सबसे बड़ा कोचिंग हब माने जाने वाले कानपुर के काकादेव में विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 30 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। जांच में सबसे गंभीर अनियमितता भवनों के बेसमेंट में मिली जिन्हें केवल पार्किंग के लिए स्वीकृत किया गया था। इसके बावजूद वहां अवैध रूप से सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए क्लासरूम संचालित किए जा रहे थे।

मिर्जापुर में लगभग एक दर्जन कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की गईँ वाराणसी में विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों का निरीक्षण कर कई संस्थानों को सील किया। जौनपुर और चंदौली में भी जांच अभियान जारी है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि बिना मानचित्र स्वीकृति और निर्धारित भवन मानकों के विपरीत संचालित हो रहे कई कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।






