
लखनऊ, 14 अगस्त 2026:
यूपी के आलू किसानों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार ने वर्षाकालीन सत्र में आलू के भंडारण पर किसानों को एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से स्टोरेज शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया है। इस राहत की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके लिए सरकार ने 1,000 रुपये करोड़ का बजट प्रावधान किया है।
प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का कहना कि खेती-किसानी के रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है। विशेष रूप से आलू किसानों की उत्पादन, भंडारण और विपणन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने किसानों को बाजार भाव में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए भाव स्थिरता कोष भी स्थापित किया है। इसके तहत किसानों के हित में बाजार भाव को स्थिर रखने के उद्देश्य से 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भावांतर भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। इसके लिए 100 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
उद्यान मंत्री ने बताया कि आलू किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार ने फसल खेत में रहते ही काम शुरू कर दिया था। इसी क्रम में गत 30 जनवरी को ओडिशा के भुवनेश्वर में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें ओडिशा के उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, प्रगतिशील किसानों और प्रमुख कारोबारियों के साथ प्रदेश के आलू की ओडिशा में आपूर्ति बढ़ाने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने पर चर्चा हुई।
इसके अलावा अपर मुख्य सचिव, उद्यान निदेशक और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर यूपी के आलू के लिए नए बाजार तलाशे हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। दिनेश प्रताप ने कहा कि नौ वर्षों में आलू किसानों के हित में उत्पादन से लेकर विपणन तक हर स्तर पर प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने किसानों से सरकार की योजनाओं पर भरोसा रखने और दुष्प्रचार से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता किसान हैऔ। किसानों की आय, उपज के उचित मूल्य तथा बेहतर विपणन व्यवस्था के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे।






