
लखनऊ, 14 अगस्त 2026:
यूपी के सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का अंदाज अब बदलने जा रहा है। पारंपरिक कक्षाओं से आगे बढ़ते हुए अब उन्हें स्मार्ट क्लासरूम के जरिए डिजिटल और इंटरैक्टिव शिक्षा से जोड़ा जाएगा। समाज कल्याण विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के पांच जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की है। परियोजना का उद्घाटन समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने किया।
पहले चरण में पांच विद्यालयों को मिली सौगात
एक संस्था के सहयोग से सीएसआर के तहत शुरू हुई इस परियोजना के प्रथम चरण में गाजियाबाद के निडोरी, बुलंदशहर के बदनौरा, मेरठ के हस्तिनापुर, बरेली और पीलीभीत के सर्वोदय विद्यालयों में एक-एक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया गया है। पूरी परियोजना की लागत 35 करोड़ रुपये बताई गई है।
इन स्मार्ट क्लासरूम में स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट पैनल, दो एयर कंडीशनर और वुडेन फ्लोरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई होने पर कठिन विषयों को भी वीडियो, ग्राफिक्स और इंटरैक्टिव कंटेंट के जरिए आसानी से समझाया जा सकेगा। इससे शिक्षकों को भी पढ़ाने के नए और प्रभावी तरीके मिलेंगे।
103 सर्वोदय विद्यालयों तक पहुंचेगा डिजिटल बदलाव
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह के अनुसार प्रदेश में फिलहाल 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। पायलट प्रोजेक्ट के अनुभव के आधार पर आने वाले चरणों में अन्य विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। इससे ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के वे अवसर मिल सकेंगे, जो अब तक मुख्य रूप से बड़े शहरों के विद्यार्थियों तक सीमित रहे हैं।
स्मार्ट क्लासरूम से प्रतियोगी दौर की तैयारी
राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम पढ़ाई का तरीका बदलने की पहल के साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है। सरकार का लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े और भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो।
परियोजना के दूसरे चरण में अधिक विद्यालयों को शामिल करने की तैयारी है। इससे सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव, निदेशक संजीव सिंह, उपनिदेशक जे राम और फर्स्ट ओरिजिन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज कुमार वर्मा समेत विभागीय अधिकारी मौजूद थे।






