हमीरपुर, 2 जून 2026:
यूपी के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के सेगमेंटल स्पान गिरने के दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने जांच और राहत कार्यों को तेज कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन तथा उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने अलग-अलग तीन-तीन सदस्यीय जांच समितियों का गठन कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम अभिषेक गोयल के मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से एडीएम (नमामि गंगे) की अध्यक्षता में गठित समिति हादसे के प्रशासनिक, तकनीकी और प्रक्रियागत पहलुओं की जांच कर रही है। समिति ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं उत्तर प्रदेश सेतु निगम की विशेषज्ञ समिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन, संरचनात्मक मानकों, निर्माण सामग्री और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की गहन समीक्षा कर रही है। जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी।

डीएम ने बताया कि दुर्घटना के संबंध में थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों व दोनों समितियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
दुर्घटना में जान गंवाने वाले छह श्रमिकों के परिवारों को शासन की ओर से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा निर्माण कार्य से जुड़ी फर्म मेसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने हर मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। श्रम विभाग की योजनाओं के तहत भी पात्र परिवारों को 1.25 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन प्रभावित परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ रहा है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही अंत्योदय राशन कार्ड, आवास और स्वच्छ शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा रहा है। डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






