Up News: पहले अपने नेताओं को सभ्यता-संस्कार सिखाइए, चुनाव बाद में लड़िएगा… अखिलेश पर राजभर का तीखा हमला
सपा में अंदरूनी कलह और संगठनात्मक विवादों को लेकर सुभासपा प्रमुख ने साधा निशाना, बोले- सरकार आने के भ्रम में अभी से आपस में भिड़ रहे हैं, सत्ता मिली तो जनता को कितना पीटेंगे

लखनऊ, 5 अक्टूबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 से नजदीक आने के साथ सियासत में जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर लगातार समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। उन्होंने एक बार फिर अखिलेश पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सपा के भीतर चल रहे कथित विवादों और संगठनात्मक उठापटक को मुद्दा बनाते हुए निशाना साधा।
ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, ‘अखिलेश जी! आपके इंडी को लड़ना है एनडीए से और आपके नेता आपस में लड़ रहे हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन के घटक दलों के बीच भी आपसी खींचतान है। राजभर ने सपा-कांग्रेस के बीच कथित राजनीतिक टकराव के साथ इकरा मुनव्वर और इमरान मसूद का जिक्र किया और कहा कि गौतम जी तो सबको ही निशाने पर लिए हुए हैं।
सुभासपा प्रमुख यहीं नहीं रुके। उन्होंने सपा के संगठन में सामने आए विवादों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी के नेता आपस में भिड़ रहे हैं। कई जगह संगठनात्मक कार्रवाई करनी पड़ रही है। उन्होंने गोरखपुर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां थप्पड़ चलने और मुकदमा दर्ज होने के बाद जिला, महानगर और फ्रंटल संगठनों की इकाइयां भंग करनी पड़ीं।
उन्होंने एटा-कासगंज में नेताओं के बीच विवाद, आगरा में सांसद की मौजूदगी में मथुरा के पदाधिकारियों के बीच मारपीट और आजमगढ़ में बूथ अध्यक्ष की ओर से विधायक समर्थकों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों का भी जिक्र किया। सहारनपुर की समीक्षा बैठक में कुर्सी और माइक को लेकर हुए विवाद को भी उन्होंने सपा की अंदरूनी कलह का उदाहरण बताया।
अखिलेश जी!
आपके इंडी को लड़ना है एनडीए से और आपके नेता आपसे में लड़ रहे हैं। जैसे, सपा लड़ रही कांग्रेस से, इकरा लड़ रहीं इमरान से, गौतम जी तो सबको ही निशाने पर लिए हुए हैं। बाक़ी आपके संगठन वाले तो आ-हा-हा। ऐसे कैसे लड़ेंगे महाराज?
चलिए ये तो थी बयानबाज़ी की बात। आपकी पार्टी वाले तो जूतम-पैज़ार भी कर रहे हैं। गोरखपुर में थप्पड़ चले, मुकदमा दर्ज हुआ और हालत ऐसी बनी कि आपको जिला, महानगर और फ्रंटल संगठनों तक की इकाइयां भंग करनी पड़ीं।
एटा-कासगंज के नेता तो आपके सामने ही उलझ गए। बैठक खत्म हुई और दोनों जिलों की इकाइयां भंग करनी पड़ीं।
आगरा में आपके सांसद की मौजूदगी में मथुरा के पदाधिकारी भिड़े और लात-घूंसे तक चले। बाद में दो नेताओं को पार्टी से बाहर करना पड़ा।
आजमगढ़ में आपके ही बूथ अध्यक्ष ने अपने विधायक के समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया।
सहारनपुर में प्रदेश अध्यक्ष के सामने समीक्षा बैठक हुई तो वहां कुर्सी और माइक को लेकर अपने ही लोग उलझ गए।
अखिलेश जी, 2027 में प्रदेश संभालने का दावा है और 2026 में अपनी जिला इकाइयां संभालने के लिए कभी संगठन भंग करना पड़ रहा है, कभी नेताओं को पार्टी से निकालना पड़ रहा है।
सोचिए, आपके नेता सरकार आने के भ्रम में जिस तरह आपस में भिड़ रहे हैं, अगर ग़लती से सरकार ने आ गए तो जनता को कितना पीटेंगे। हफ़्ता वसूली करेंगे। गुंडा टैक्स वसूलेंगे।
पहले अपने नेताओं को एक साथ बैठना सिखाइए, सभ्यता संस्कार सिखाइए, अनुशासन सिखाइए, चुनाव तो हमसे बाद में लड़िएगा।
जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण,
जय परशुराम
जय महाराजा सुहेलदेव!
@yadavakhilesh— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) October 5, 2026
राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि 2027 में प्रदेश संभालने का दावा किया जा रहा है जबकि 2026 में अपनी जिला इकाइयों को संभालने के लिए कभी संगठन भंग करना पड़ रहा है तो कभी नेताओं को पार्टी से निकालना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आने के भ्रम में सपा नेता अभी से आपस में भिड़ रहे हैं। ऐसे में अगर ‘गलती से सरकार आ गई’ तो जनता को कितना पीटेंगे।
सुभासपा अध्यक्ष ने सपा पर हमला और तीखा करते हुए हफ्ता वसूली और ‘गुंडा टैक्स’ जैसे आरोप भी लगाए। उन्होंने अखिलेश को सलाह दी कि पहले अपने नेताओं को एक साथ बैठना, सभ्यता-संस्कार और अनुशासन सिखाएं, चुनाव बाद में लड़ें।
मालूम हो कि राजभर इससे पहले भी अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर तंज कस चुके हैं। राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में उन्होंने PDA की व्यंग्यात्मक व्याख्या ‘परिवार, दौलतमंद और अपराधी’ के तौर पर करते हुए प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी का जिक्र किया था।






