लखनऊ, 2 दिसंबर 2025:
यूपी पावर कॉर्पोरेशन की बहुप्रतीक्षित बिजली बिल राहत योजना 2025 में उपभोक्ताओं को 100 फीसदी ब्याज माफी का फायदा मिल रहा है लेकिन मूलधन पर 25 प्रतिशत की छूट सभी को नहीं मिलेगी। यह केवल चुनिंदा श्रेणी के उपभोक्ताओं को ही दी जाएगी। कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि यह राहत सिर्फ उन घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाएगी जिनका लोड एक से दो किलोवाट के बीच है। इसके साथ ही उन दुकानदारों को जिनका कनेक्शन अधिकतम एक किलोवाट तक है। इसके अलावा किसी को यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
लखनऊ मध्य जोन के अधिकारियों के मुताबिक जिन उपभोक्ताओं का लोड घरेलू श्रेणी में दो किलोवाट से ज्यादा है या दुकानों में एक किलोवाट से अधिक है उन्हें मूलधन पर 25 प्रतिशत की यह विशेष छूट नहीं मिलेगी। राहत केवल उन्हीं को दी जाएगी जिन्होंने 31 मार्च 2025 से पहले के अपने लंबित बिल नहीं चुकाए हैं। इस योजना के तहत ब्याज माफी पाने के बाद उपभोक्ताओं को बकाया मूलधन की पूरी राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। तब ही उन्हें अतिरिक्त 25 प्रतिशत छूट का लाभ मिल सकेगा।
अधिकारियों का ये भी कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए गए हैं, उनके लिए किसी भी प्रकार की किश्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे उपभोक्ताओं को ब्याज माफी के बाद बचे हुए मूलधन का भुगतान भी एकमुश्त करना अनिवार्य होगा। कॉर्पोरेशन ने बकायेदारों से आग्रह किया है कि राहत केंद्रों पर पंजीकरण कराते समय अपने बिल, कनेक्शन विवरण और पहचान संबंधी सभी सूचनाएं सही-सही उपलब्ध कराएं जिससे उन्हें छूट का लाभ बिना किसी दिक्कत के मिल सके।
इस बीच योजना के लागू होने के साथ विद्युत सखियों के काम पर काफी असर देखा जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी आमदनी में कमी पहले ही दर्ज की जा रही थी। अब राहत योजना के दौरान उनकी ओटीएस (वन टाइम सेटेलमेंट) आईडी बंद कर दिए जाने से उनकी दिक्कतें और बढ़ गई हैं। विद्युत सखियों को न तो उपभोक्ताओं के बिलों पर राहत दिलवाने में मदद मिल पा रही और न ही वे किसी प्रकार की किश्त प्रक्रिया पूरी कर पा रही हैं।






