लखनऊ, 23 मई 2026:
यूपी में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट अब राजनीतिक तूफान का रूप लेता दिख रहा है। लखनऊ समेत प्रदेश के कई शहरों में लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश की राजधानी में हर रात बिजली के लिए हाहाकार मच रहा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि विपक्ष ही नहीं बल्कि भाजपा के अपने विधायक भी अब सरकार और ऊर्जा विभाग के खिलाफ खुलकर नाराजगी जता रहे हैं।
जनता के गुस्से और बढ़ते दबाव के बीच सत्ता पक्ष के नेता प्रदेश के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल सुधार की मांग कर रहे हैं। गत दिनों लखनऊ उत्तर से भाजपा विधायक डॉ. नीरज बोरा ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखते हुए कहा कि लगातार बिजली कटौती से लोग त्रस्त हैं। उन्होंने मांग की कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए और मुख्य अभियंता को उनके कैंप कार्यालय भेजा जाए ताकि जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
वहीं सरोजनीनगर से भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने बिजली व्यवस्था की बदहाली पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लो वोल्टेज, ट्रांसफार्मरों का ओवरलोड होना, फीडर ट्रिपिंग और अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट जैसी समस्याएं हर साल सामने आती हैं लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। उन्होंने पूरे सिस्टम के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने की मांग की।

लखनऊ पूर्व से भाजपा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने भी जर्जर लाइनों और खराब ट्रांसफार्मरों की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई है। बिजली संकट पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बिजली की मांग और दाम दोनों बढ़ रहे हैं, लेकिन आपूर्ति चरमरा गई है। उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को उगाही का माध्यम बताते हुए सरकार पर बिजली व्यवस्था सुधारने में विफल रहने का आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि वाराणसी समेत कई जिलों में लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। बिजली संकट के कारण पेयजल व्यवस्था और छोटे उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस सड़क पर आंदोलन करेगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी बिजली संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे गरीब, किसान और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने नए पावर प्लांट लगाने और बिजली व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। हालांकि ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दावा किया है कि भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ी है लेकिन विभाग लगातार सुधार कार्य कर रहा है। उनके मुताबिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। रोस्टर के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास जारी है।






