लखनऊ, 23 मई 2026ः
राजधानी लखनऊ में बिजली संकट को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। एक तो भीषण गर्मी और फिर रात में घंटों बिजली जाने से लोग परेशान हैं। इससे लोगों के अंदर गुस्सा चरम पर है। लोग सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से राजधानी का यही हाल है। कई दिनों से जगह-जगह फाल्ट होने और ट्रांसफार्मर फुंकने से कई इलाकों में कहीं 36 घंटे तो कहीं दो दिन से बिजली नहीं आ रही है। इससे नाराज लोग कहीं उपकेंद्रों का घेराव कर रहे हैं तो कहीं सड़क जाम। शुक्रवार रात को बिजली संकट को लेकर कई इलाकों के लोगों ने प्रदर्शन किया।
पारा इलाके में 36 घंटे से बिजली न आने से परेशान लोग शुक्रवार रात को सड़क पर उतर आए। लोगों ने बुद्धेश्वर चौराहे पर जाम लगा दिया और जेई की गाड़ी पंक्चर कर दी। लोगों ने कहा कि जब तक बिजली नहीं आएगी, तब तक यहां से किसी भी अधिकारी को निकलने नहीं दिया जाएगा। लोगों ने उपकेंद्रों का घेराव किया। इसके अलावा कई जगह लोगों ने प्रदर्शन भी किया। इस दौरान लोगों की बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से नोकझोंक हुई।
गोमती नगर में बिजली न आने से परेशान लोग शुक्रवार तड़के सेक्टर पांच स्थित उपकेंद्र पर पहुंच गए। लोगों ने वहां जमकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों से लोगों की नोकझोंक हुई। जानकीपुरम में भी लोगों ने उपकेंद्र का घेराव कर नारेबाजी की। वहीं, कैंट विधानसभा क्षेत्र के गीतापल्ली वार्ड के मधुबननगर में 27 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोग परेशान रहे। लोगों ने पकरी पुल अधिशासी अभियंता ऑफिस पहुंचकर धरना दिया। बिजली की समस्या को लेकर लोगों ने आलमनगर मोहान रोड पर जाम लगा दिया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बिजली संकट की गंभीर होती स्थित को देखकर लोगों के साथ नेताओं ने भी धरना और प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आशियाना में शुक्रवार को बिजली कटौती के खिलाफ समाजवादी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले बुधवार को लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक अरमान खान ने तालकटोरा पावर हाउस पर धरना दिया था।
लखनऊ में बीते चार-पांच दिन में राजाजीपुरम, फैजुल्लागंज, जानकीपुरम, इंदिरा नगर, आलमनगर, चौक, रायबरेली रोड, मोहान रोड आदि जगहों पर लोगों का गुस्सा फूटा। लोगों ने सड़क पर उतर कर हंगामा किया। उपकेंद्रों को घेरकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं सड़क भी जाम की। उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारियों से नोकझोंक हुई और ईंट-पत्थर भी चले।






