
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 3 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की आहट के बीच भाजपा ने संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाने का संकेत दे दिया है। शुक्रवार को देहरादून में हुई प्रदेश संगठनात्मक बैठक में पार्टी ने अगले विधानसभा चुनाव के लिए ‘60 पार’ का लक्ष्य सामने रखा। प्रदेश प्रभारी का पद संभालने के बाद पहली बार प्रदेश मुख्यालय पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति पर मंथन किया।
राम माधव ने साफ कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में संगठन को मजबूत करने के बाद अब बचा समय राजनीतिक गतिविधियों पर केंद्रित करने का है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मोदी और धामी सरकार के विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने और समाज के सभी वर्गों को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को केवल ‘एब्सोल्यूट मेजोरिटी’ के लक्ष्य तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि ‘हाईएस्ट मेजोरिटी’ यानी 60 पार के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरना है।
प्रदेश प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को यह भी संदेश दिया कि भाजपा को पहली बार चुनाव लड़ने और पहली बार जीतने वाली मानसिकता के साथ मैदान में उतरना होगा। यानी संगठन की रणनीति सिर्फ सत्ता बरकरार रखने तक सीमित नहीं, बल्कि विधानसभा में अपनी संख्या बढ़ाने पर केंद्रित होगी।

विपक्ष पर बांसुरी स्वराज के तीखे तेवर
प्रदेश सह प्रभारी एवं सांसद बांसुरी स्वराज ने सरकार का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाने और संगठनात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने विपक्षी राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को उम्र के आधार पर बांटने की राजनीति की जा रही है और विपक्ष के कुछ नेताओं की विचारधारा को लेकर भी सवाल उठाए।
बूथ पर फोकस, गांव तक पहुंचेगा ‘विकास मॉडल’
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच पार्टी की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा ने चुनावी रणनीति का फोकस बूथ पर रखते हुए ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ और ‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ को प्रमुख मंत्र बताया।
बैठक में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने 14 सितंबर 2025 से अब तक हुए संगठनात्मक कार्यक्रमों की रिपोर्ट रखी। बैठक में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।






