Uttrakhand News : सीएम धामी से एक दिन में चार हस्तियों की मुलाकात, विकास से संस्कृति तक कई मुद्दों पर चर्चा
मुख्यमंत्री आवास में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, ईईपीसी चेयरमैन पंकज चड्ढा, उत्तराखंड महापरिषद के प्रतिनिधि भरत सिंह बिष्ट और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की भेंट उत्तराखंड के औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार बढ़ाने से लेकर लोक संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक कल्याण तक के विषयों पर हुआ विचार-विमर्श

देहरादून, 15 अक्टूबर 2026 :
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर चार प्रमुख हस्तियों ने मुलाकात की। इनमें भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) के चेयरमैन पंकज चड्ढा, उत्तराखंड महापरिषद लखनऊ के प्रतिनिधि भरत सिंह बिष्ट और मध्य प्रदेश के मंडला से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते शामिल रहे। इन मुलाकातों के दौरान प्रदेश के विकास, उद्योग और निवेश, सांस्कृतिक विरासत तथा जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

पीएम के नेतृत्व में प्रदेश का समग्र विकास कर रही सरकार
डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के साथ मुख्यमंत्री की मुलाकात में उत्तराखंड के विकास और प्रदेश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को मजबूत बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता विकास को गति देने के साथ आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
रोजगार के नए अवसर तलाशने पर फोकस
वहीं, ईईपीसी के चेयरमैन पंकज चड्ढा के साथ हुई मुलाकात में औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के अनुकूल माहौल तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश के संसाधनों, स्थानीय प्रतिभाओं और उद्यमशीलता की संभावनाओं का बेहतर इस्तेमाल कर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रवासी उत्तराखंडियों से जुड़े रहने पर हुई चर्चा
उत्तराखंड महापरिषद, लखनऊ के प्रतिनिधि भरत सिंह बिष्ट ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें महापरिषद के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान उत्तराखंड की लोक संस्कृति, भाषा, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर चर्चा हुई। दूसरे राज्यों में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने और नई पीढ़ी तक प्रदेश की परंपराओं को पहुंचाने में सामाजिक संगठनों की भूमिका पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत उसकी विशिष्ट पहचान है और इसे संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।

वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
इसके अलावा, मध्य प्रदेश के मंडला से सांसद और लोकसभा की अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के सभापति फग्गन सिंह कुलस्ते ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में सामाजिक समावेशन, वंचित वर्गों के सशक्तीकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से सभी वर्गों को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है।






