Uttarakhand

उत्तराखंड : वन्यजीवों से नुकसान पर बढ़ेगी राहत, अब ततैया-मधुमक्खी के हमले पर भी मिलेगा मुआवजा

अब तक कई ऐसी घटनाएं मुआवजे की श्रेणी से थीं बाहर, भालुओं द्वारा किसानों की फसलों को पहुंचाए जाने वाले नुकसान को भी मुआवजे के दायरे में लाने पर किया जा रहा विचार

देहरादून, 10 मार्च 2026:

उत्तराखंड सरकार ने वन्य जीवों से होने वाले नुकसान पर राहत का दायरा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब तक कई ऐसी घटनाएं थीं जो मुआवजे की श्रेणी से बाहर थीं लेकिन सरकार ने इन्हें भी राहत व्यवस्था में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सरकार के निर्णय के अनुसार अब ततैया और मधुमक्खियों के हमले से होने वाली क्षति पर भी पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। इस फैसले से खास तौर पर पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जहां ऐसे हमलों की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं।

इसके साथ ही राज्य सरकार वन्य जीवों से होने वाले अन्य प्रकार के नुकसान को भी मुआवजा व्यवस्था में शामिल करने पर गंभीरता से काम कर रही है। इसी क्रम में भालुओं द्वारा किसानों की फसलों को पहुंचाए जाने वाले नुकसान को भी मुआवजे के दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि भालुओं से मकानों और भवनों को होने वाली क्षति के लिए पहले से ही मुआवजा देने की व्यवस्था लागू है।

राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में वन्य जीवों से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें वन्य जीवों के हमले से मौत होने पर मिलने वाली मुआवजा राशि को चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये करना प्रमुख कदम माना जा रहा है।

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि भालुओं के व्यवहार में आए बदलाव और उससे हो रहे नुकसान को लेकर सरकार गंभीर है। इस संबंध में अध्ययन के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी जिससे प्रभावित लोगों और किसानों को बेहतर राहत मिल सके।

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