
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 1 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को कुमाऊं व गढ़वाल के कमिश्नरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की प्रगति जानी। इसके बाद उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों से अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सही ढंग से दर्ज हो।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत और गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में उन मतदान केंद्रों का विशेष निरीक्षण करें, जहां अनकलेक्टेबल श्रेणी में दर्ज मतदाताओं की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की बूथ स्तर पर जांच की जाए। जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा तैयार की गई एसएसडी सूची की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। कहा कि ऐब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ सूची में शामिल प्रत्येक मतदाता के गणना प्रपत्र पर स्पष्ट व तथ्यात्मक टिप्पणी दर्ज की जाए।

डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद दावे व आपत्तियों के निस्तारण का चरण शुरू होगा। इसके लिए सभी जनपदों को पहले से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए न्याय पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने के लिए रोस्टर तैयार करने को कहा। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में तहसील मुख्यालयों के अतिरिक्त नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देशित किया कि अन कलेक्टेबल श्रेणी में दर्ज मतदाताओं का पुनः सत्यापन संबंधित बूथ लेवल एजेंट के साथ मिलकर किया जाए, जिससे किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो।






