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15 अगस्त : लाल किले पर पहली बार गूंजा पूरा वंदे मातरम्, PM ने बताई विकास की शक्ति सप्त धारा

स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के बाद 21 तोपों की सलामी, भारतीय वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश, राष्ट्रगीत के बाद बजा जन गण मन, PM मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेक्नोलॉजी, डिफेंस, ग्रीन इकोनॉमी तक सात क्षेत्रों पर फोकस की बात कही

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026:

देश की राजधानी नई दिल्ली में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश ने एक ऐतिहासिक पल देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण के बाद पहली बार यहां राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का पूरा संस्करण बजाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन की धुन गूंजी। इस साल वंदे मातरम् के 150 साल पूरे हो रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण का बजना इस आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहा। PM मोदी ने अपने संबोधन में भी इसका जिक्र किया।

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तिरंगा फहराते ही 21 तोपों की सलामी

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PM मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। इसके साथ 1721 फील्ड बैटरी से स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन के जरिए 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद आर्मी बैंड ने वंदे मातरम् की धुन बजाई। समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले के ऊपर से फूलों की बारिश की। एक हेलीकॉप्टर पर तिरंगा लहरा रहा था, जबकि दूसरे पर वंदे मातरम् लिखा झंडा नजर आया।

PM मोदी बोले, आजादी के बाद पहली बार लाल किले पर पूरा वंदे मातरम्

देश को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार है जब लाल किले पर वंदे मातरम् का पूरा संस्करण बजाया गया है। इस मौके पर राष्ट्रगीत को स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी उसकी ऐतिहासिक भूमिका के संदर्भ में भी याद किया गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संदेश के दौरान भी वंदे मातरम् बजाया गया था। वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को लेकर हाल में कानूनी प्रावधानों से जुड़े बदलाव भी चर्चा में रहे हैं।

PM मोदी ने गिनाई शक्ति की सप्त धारा

स्वतंत्रता दिवस के भाषण में PM मोदी ने देश की तरक्की के लिए शक्ति की सप्त धारा यानी सात प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ग्लोबल स्तर पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों में तेजी से काम करना होगा। पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग को बनाया गया। PM मोदी ने कहा कि ग्लोबल स्टैंडर्ड पर मुकाबला करने के लिए लागत, क्वालिटी और उत्पादन का पैमाना प्रतिस्पर्धी बनाना होगा।

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एग्रीकल्चर से ग्लोबल ब्रांड तक की तैयारी

दूसरी धारा एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी है। PM मोदी ने कहा कि भारत के कृषि उत्पादों को दुनिया के बाजार में मजबूत ब्रांड के रूप में पहचान दिलाने की जरूरत है। उन्होंने खेती से जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग, उनकी क्वालिटी और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। इसका मकसद किसानों के उत्पादों को देश के साथ दुनिया के बाजार में भी बेहतर जगह दिलाना है।

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर बड़ा फोकस

तीसरी धारा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की है। PM मोदी ने डिजिटल टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी और नई तकनीकों को देश की आगे की यात्रा के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया में टेक्नोलॉजी की ताकत जिस देश के पास होगी, वही तेजी से आगे बढ़ सकेगा। भारत को अपनी रिसर्च, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी क्षमता को लगातार मजबूत करना होगा।

गति शक्ति से कनेक्टिविटी मजबूत करने की बात

चौथी धारा गति शक्ति से जुड़ी है। इसका फोकस देश में तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी पर है। PM मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक तरक्की से जोड़ते हुए बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत बताई। सड़क, रेल, बंदरगाह, एयर कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने से देश में सामान, लोगों और सेवाओं की आवाजाही को आसान बनाने पर जोर दिया गया।

डिफेंस में अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी

पांचवीं धारा रक्षा शक्ति है। PM मोदी ने ड्रोन, सुपरसोनिक टेक्नोलॉजी समेत अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक पर फोकस की बात कही। उन्होंने डिफेंस प्रोडक्शन में भारत की बढ़ती क्षमता का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले वर्षों में रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है। उनका जोर देश को रक्षा जरूरतों में ज्यादा आत्मनिर्भर बनाने पर रहा।

ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी को बढ़ाने पर जोर

छठी धारा ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी की है। PM मोदी ने कहा कि भारत के पास इन दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बड़े संसाधन मौजूद हैं। ऊर्जा, पर्यावरण, समुद्री संसाधन समेत इससे जुड़े क्षेत्रों में नई संभावनाओं का इस्तेमाल देश की इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।

योग, आयुर्वेद और टूरिज्म भी शक्ति की धारा

सातवीं धारा भारत की सॉफ्ट पावर से जुड़ी है। इसमें योग, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थ, क्रिएटिव सेक्टर और टूरिज्म को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। PM मोदी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक ताकत को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। इससे पर्यटन के साथ दूसरे रचनात्मक क्षेत्रों में भी नए अवसर बन सकते हैं।

परमाणु ऊर्जा के लिए 200 GW का लक्ष्य

PM मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा को भी अपने भाषण का अहम हिस्सा बनाया। उन्होंने बताया कि भारत ने 200 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है। देश में पांच नए परमाणु रिएक्टर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पाइप वाली गैस 1.75 करोड़ घरों तक पहुंच चुकी है, जबकि देश में 50 लाख से ज्यादा घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं।

फास्ट ब्रीडर टेक्नोलॉजी को बड़ी उपलब्धि बताया

PM मोदी ने कहा कि भारत ने इस साल फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करके एक अहम पड़ाव पार किया है। उन्होंने इसे न्यूक्लियर फ्यूल के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा क्षमता को और बढ़ाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी तो विकास की रफ्तार को भी सहारा मिलेगा।

12 साल में कई सेक्टर में बढ़ी उत्पादन क्षमता

PM मोदी ने अपने संबोधन में पिछले 12 वर्षों में भारत की उत्पादन क्षमता में हुए बदलाव का आंकड़ा भी रखा। उन्होंने बताया कि डिफेंस प्रोडक्शन करीब चार गुना बढ़ा है। खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना, मॉडर्न रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना जबकि मोबाइल फोन का उत्पादन करीब 33 गुना बढ़ा है।

नो-गो एरिया से गो-अहेड एरिया तक का जिक्र

PM मोदी ने कहा कि भारत ने कई ऐसे क्षेत्रों को नो-गो एरिया से गो-अहेड एरिया में बदला है, जहां पहले आगे बढ़ने की सीमाएं थीं। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा के लिए ज्यादा परमाणु संयंत्र लगाने की जरूरत भी बताई। उनके मुताबिक देश की क्षमता केवल संसाधनों से तय नहीं होती, सोच की दिशा भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है।

सुधार सरकार के लिए संकल्प

PM मोदी ने कहा कि सुधार उनकी सरकार के लिए कोई मजबूरी या केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि एक संकल्प है। उन्होंने कहा कि कोई देश तब बड़े लक्ष्य हासिल करता है जब उसके पास सपने, मजबूत संकल्प और उन्हें पूरा करने की क्षमता होती है। उन्होंने लोगों से छोटे लक्ष्य तय करने के बजाय बड़े सपने देखने की अपील की। उनके मुताबिक बड़े सपने सोच का दायरा बढ़ाते हैं, जबकि मजबूत इरादा मुश्किल हालात में रास्ता तलाशने की ताकत देता है।

दिमागी नक्सलियों पर भी PM मोदी का निशाना

PM मोदी ने कहा कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद से निपटने में बड़ी कार्रवाई की है। अब दिमागी नक्सलियों को पहचानकर उन्हें अलग-थलग करना होगा। उन्होंने कहा कि सीमित सोच की वजह से लोग कई बार अपनी असली क्षमता को पहचान नहीं पाते। देश के विकास के लिए सोच की सीमाओं को तोड़ने की जरूरत है।

नागरिकों की भूमिका को बताया अहम

PM मोदी ने पिछले 12 वर्षों में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए देश के नागरिकों के योगदान की बात की। उन्होंने समाज के अलग-अलग वर्गों के योगदान का जिक्र किया, जिसमें दलित, आदिवासी, गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष, ग्रामीण और शहरी आबादी शामिल है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनेगा तो दुनिया का नजरिया भारत के प्रति बदलेगा। PM मोदी ने भारत की आगे की यात्रा को देश के 140 करोड़ नागरिकों की क्षमता और संकल्प से जोड़कर पेश किया।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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