
लखनऊ, 15 अगस्त 2026:
रिश्वतखोरी के मामले में अवर अभियंता (जेई), सुपरवाइजर और बिचौलिये की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। शमन मानचित्र स्वीकृत करा लेने का बहाना कर अवैध निर्माण को जारी रखने वाले बिल्डरों और भवन स्वामियों पर अब एलडीए ने सख्ती शुरू कर दी है। इस क्रम में गोमतीनगर विस्तार में शुक्रवार को अभियान चलाकर 10 अवैध निर्माणों को दोबारा सील कर दिया गया।

एलडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-1 की टीम ने गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-1, 4, 5, 6 और खरगापुर में कार्रवाई की। अभियान के दौरान नरेन्द्र अग्रहरि, मनीष सिंह, सुधा सिंह, जितेन्द्र सिंह, मानस मिश्रा, मयंक गुप्ता, जयंत यादव, सुनील कुमार जायसवाल, सुनीता सिंह, जितेन्द्र कुमार शुक्ला समेत अन्य द्वारा कराए जा रहे अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई हुई।
जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह के मुताबिक अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू होने पर कुछ बिल्डर और भवन स्वामी शमन मानचित्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर देते हैं। इसके बाद वे निर्धारित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कोई रुचि नहीं लेते और जानबूझकर आवेदन लंबित रखते हैं।

इससे उन्हें कार्रवाई से बचने का रास्ता मिल जाता है। एलडीए उपाध्यक्ष ने ऐसे मामलों में अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सील किए गए निर्माणों में आवासीय भू-उपयोग वाली जमीन पर संचालित कार वर्कशॉप, अपार्टमेंट, व्यावसायिक कॉम्पलेक्स समेत कई अन्य भवन शामिल हैं।
एलडीए की इस कार्रवाई को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। रिश्वत प्रकरण के बाद प्राधिकरण द्वारा शमन मानचित्र की प्रक्रिया को ढाल बनाकर नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई तेज करने से अवैध निर्माण कराने वालों में खलबली मच गई है।






