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UP : जौहर यूनिवर्सिटी पर RDA का बड़ा एक्शन, बिना नक्शा बने 38 भवनों पर चलेगा बुलडोजर

8 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन ने दाखिल किया जवाब, हुई व्यक्तिगत सुनवाई, मेडिकल कॉलेज और अकादमिक ब्लॉक को छोड़कर बाकी 38 भवनों की नहीं मिली वैध स्वीकृति

लखनऊ, 16 जुलाई 2026:

यूपी में अवैध निर्माण और भू-उपयोग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सरकार की सख्ती लगातार जारी है। इसी क्रम में रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित 38 भवनों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। विस्तृत सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद प्राधिकरण ने इन भवनों को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत की गई है।

रामपुर के डीएम अजय द्विवेदी ने बताया कि जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत क्षेत्रीय अवर अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में हुए निर्माणों की जांच शुरू की गई। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने 8 जुलाई को अपना जवाब दाखिल किया। इसके बाद 15 जुलाई को व्यक्तिगत सुनवाई हुई। इसमें विश्वविद्यालय और रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से अधिकारी तथा अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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विकास क्षेत्र में शामिल न होने का दिया तर्क

सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से तर्क दिया गया कि ग्राम सिंगनखेड़ा स्थित विश्वविद्यालय 27 सितंबर 2024 से पहले रामपुर विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में शामिल नहीं था। इसलिए उस समय आरडीए से नक्शा स्वीकृत कराने की आवश्यकता नहीं थी। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि कई निर्माण पुराने हैं। उन्हें वर्तमान नियमों के आधार पर अवैध नहीं माना जा सकता।

हालांकि, आरडीए ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया कि निर्माण के समय संबंधित सक्षम प्राधिकारी से नक्शे की स्वीकृति लेना अनिवार्य था। जिला पंचायत रामपुर से प्राप्त अभिलेखों की जांच में मेडिकल कॉलेज भवन और अकादमिक ब्लॉक के नक्शे ही स्वीकृत मिले। बाकी 38 भवनों के लिए कोई वैध स्वीकृति उपलब्ध नहीं मिली।

दो भवनों की अनुमति ली, बाकी निर्माण बिना मंजूरी

प्राधिकरण ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन स्वयं निर्माण की अनुमति की आवश्यकता से अवगत था क्योंकि उसने दो भवनों के लिए जिला पंचायत से अनुमति प्राप्त की थी। इसके बावजूद अन्य भवनों का निर्माण बिना वैध अनुमोदन के किया गया।

आरडीए के अनुसार उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा 59 के तहत ऐसे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। आदेश में विश्वविद्यालय की ओर से मास्टर प्लान, जोनल प्लान और अधिनियम की विभिन्न धाराओं के आधार पर दिए गए कानूनी तर्कों की भी समीक्षा की गई। प्राधिकरण ने कहा कि इन प्रावधानों की गलत व्याख्या से बिना स्वीकृति किए गए निर्माण वैध नहीं हो जाते। आदेश में स्पष्ट किया गया कि किसी निर्माण की वैधता का आधार संबंधित समय में सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त वैध स्वीकृति होती है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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