
देहरादून, 27 अगस्त 2026:
उत्तराखंड में आपदा जोखिम कम करने के लिए चल रहे कामों का World Bank की टीम ने जायजा लिया। कहा कि इस कार्य मे आगे भी सहयोग मिलता रहेगा। विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर व चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई ने देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के दौरे के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अध्ययन व मजबूत संस्थागत क्षमता पर लगातार काम करने की जरूरत है।
यूएसडीएमए में परियोजनाओं की समीक्षा
पास्कल डोनोहोई के नेतृत्व में पहुंची विश्व बैंक की टीम ने यूएसडीएमए में आपदा प्रबंधन व Disaster Risk Reduction से जुड़े कामों की जानकारी ली। इस दौरान विश्व बैंक के सहयोग से चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। टीम ने राज्य में आपदा से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए किए जा रहे कामों की प्रोग्रेस भी जानी।
भूस्खलन वाले क्षेत्रों पर खास फोकस
बैठक के दौरान U-Prepare परियोजना सहित विश्व बैंक से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर उत्तराखंड के भूस्खलन प्रभावित इलाकों में जोखिम कम करने के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीक, अपनाए जा रहे उपाय व सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी विश्व बैंक की टीम ने ली।
भूकंपरोधी भवन का निरीक्षण
विश्व बैंक की टीम ने U-Prepare परियोजना के तहत तैयार यूएसडीएमए भवन का भी निरीक्षण किया। भवन में अत्याधुनिक भूकंपरोधी तकनीक के साथ बेस आइसोलेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। टीम को भवन की संरचना, सुरक्षा व्यवस्था व भूकंप जैसी आपदा के दौरान इसकी क्षमता के बारे में जानकारी दी गई। विश्व बैंक की टीम ने आपदा प्रतिरोधी निर्माण में इस्तेमाल तकनीक की सराहना की।

सचिव ने बताया हो चुका है 36 पुलों का निर्माण
सचिव आपदा प्रबंधन व पुनर्वास ने राज्य में आपदा जोखिम कम करने के लिए मिल रहे विश्व बैंक के सहयोग पर आभार जताया। उन्होंने यूएसडीएमए की ओर से आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण, क्षमता निर्माण व तकनीकी मजबूती के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी दी। बताया गया कि विश्व बैंक के सहयोग से उत्तराखंड में 36 पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
शेल्टर से लेकर स्लोप स्टैबिलाइजेशन तक काम
परियोजनाओं के तहत आपदा शेल्टर बनाए जा रहे हैं। आधुनिक उपकरणों की खरीद के साथ स्लोप स्टैबिलाइजेशन से जुड़े काम भी किए जा रहे हैं। इन कामों का मकसद आपदा की स्थिति में अलग-अलग विभागों की तैयारी को मजबूत करना व प्रभावित इलाकों में राहत प्रतिक्रिया को बेहतर बनाना है।

भविष्य में सहयोग जारी रखने का भरोसा
विश्व बैंक की टीम ने यूएसडीएमए की ओर से Disaster Risk Reduction के क्षेत्र में किए जा रहे कामों की सराहना की। टीम ने उत्तराखंड में आपदा जोखिम कम करने से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भविष्य में भी वित्तीय सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
ये अधिकारी रहे मौजूद
दौरे के दौरान विश्व बैंक से जोहान्स जट्ट, रीजनल वाइस प्रेसिडेंट, प्रकाश चंद्र, एसीईओ प्रशासन, राज कुमार नेगी, एसीईओ ऑपरेशंस, दिनेश चंद्र पुनेठा, जेसीईओ, डी दयानंद, चीफ इंजीनियर पीआईयू-पीडब्ल्यूडी, जोहाना मारिया ग्राडी, सौम्या कपूर मेहता, सीनियर इकोनॉमिस्ट, शिल्पा बनर्जी, एक्सटर्नल अफेयर्स ऑफिसर मौजूद रहे।






