
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 7 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में सरकार ने पहल तेज कर दी है। पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू किया गया अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है। इसके माध्यम से सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को रोजगार से जोड़ने का काम किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कर्नल कोठियाल ने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर विपक्ष की ओर से किए जा रहे विरोध और आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 17 जुलाई को अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल के गठन की घोषणा की थी। यह सेल सीएम कार्यालय के अधीन कार्य करेगा। इसमें सैन्य पृष्ठभूमि वाले विशेषज्ञों के साथ राज्य सरकार के अनुभवी अधिकारी भी शामिल होंगे। सेल का उद्देश्य अग्निवीरों की योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों, केंद्रीय सुरक्षा बलों व निजी संस्थानों के साथ तालमेल स्थापित करना है।
कर्नल कोठियाल ने कहा कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों के पास नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता होगी। इन क्षमताओं को रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार उपयोग में लाने के लिए सेल कार्य करेगा। जो युवा आगे की शिक्षा जारी रखना चाहते हैं या स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, उन्हें भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा।
कर्नल कोठियाल ने जानकारी दी कि दिसंबर और जनवरी में सेना से बाहर आने वाले शुरुआती दो बैच में उत्तराखंड के करीब 1200 अग्निवीर शामिल होंगे। इन युवाओं के लिए पहले से ही रोजगार की संभावनाएं तलाशने और आवश्यक तैयारियां करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा नवंबर में भारतीय नौसेना के अग्निवीरों के पहले बैच के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी और प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी मौजूद रहे।






