कोलकाता, 25 अप्रैल 2026:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के तीन विधानसभा क्षेत्रों में लगातार जनसभाएं कर चुनावी माहौल गरमा दिया। नदिया के नबद्वीप से शुरुआत करते हुए उन्होंने पूर्व बर्धमान के कटवा और उत्तर 24 परगना के बागदा में भी सभाओं को संबोधित किया। पूरे दौरे में उनके निशाने पर तृणमूल कांग्रेस रही।
भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध इसलिए किया गया क्योंकि उन्हें डर है कि हिंदू आबादी बढ़ी तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी लोकतंत्र में भरोसा नहीं करती और चुनाव के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले कराए गए। पहले चरण में बड़े पैमाने पर मतदान करके बंगाल के नौजवानों और माताओं ने यह साबित किया है कि बंगाल की पहचान के लिए संकट बने TMC से मुक्त बंगाल का निर्माण करना है।
योगी ने कहा उससे साफ है कि 4 मई को नतीजे आने के बाद टीएमसी के कार्यकर्ताओं को छिपने की जगह नहीं मिलेगी। उनके मुताबिक बंगाल की जनता अब अराजकता और भ्रष्टाचार से छुटकारा चाहती है और डबल इंजन सरकार का रास्ता तैयार कर चुकी है। TMC के बहुत सारे गुंडे अभी से अपने लिए काम-धंधे की तलाश कर रहे हैं। कोई सोच रहा है कहां मैं पंचर की दुकान लगाऊं, कोई अपना झाड़ू लेकर घूम रहा है।

जनसभा में बड़ी संख्या में जुटी भीड़ और ‘योगी-योगी’ के नारों के बीच मुख्यमंत्री ने लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद लोगों का उत्साह बताता है कि बदलाव की चाह कितनी मजबूत है। उन्होंने टीएमसी सरकार पर बंगाल की पहचान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। कहा कि यह वही भूमि है जिसने देश को संत, समाज सुधारक और वैज्ञानिक दिए, लेकिन आज यहां टेरर, माफियाराज और करप्शन का माहौल बना दिया गया है। लैंड, सैंड और कैटल माफिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र से भेजा गया पैसा भी जनता तक नहीं पहुंचता।
सीएए पर बोलते हुए योगी ने कहा कि यह कानून पड़ोसी देशों में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की गारंटी देता है, लेकिन टीएमसी ने इसका विरोध किया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसी सरकार से मुक्ति दिलाएं जो उनके हक में फैसले का विरोध करती है।
धार्मिक मुद्दों पर भी उन्होंने तीखा रुख अपनाया। कहा कि बंगाल में दुर्गा पूजा और विसर्जन को लेकर विवाद खड़े किए जाते हैं, जबकि अदालत तक को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मां काली और मां दुर्गा की पूजा को कोई नहीं रोक सकता और ऐसा करने की कोशिश हुई तो विरोध होगा। योगी ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 से पहले वहां भी हालात खराब थे, लेकिन अब कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है और विकास के काम तेजी से हो रहे हैं।






