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योगी कैबिनेट का पीएम के सम्मान में बड़ा फैसला, नरेंद्र मोदी के नाम से जाना जाएगा जेवर एयरपोर्ट

प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर कैबिनेट ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव, सीएम योगी ने मीडिया से रूबरू होकर गिनाईं यूपी में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ीं उपलब्धियां, विकसित उत्तर प्रदेश से विकसित भारत-2047 का लक्ष्य दोहराया

लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026:

यूपी में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में नामकरण का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर लिए गए इस फैसले को मुख्यमंत्री ने उनके नेतृत्व, मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान के प्रति सम्मान बताया। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया।

7 अक्टूबर को पूरे हुए सार्वजनिक जीवन के 25 साल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस वार्ता में कहा कि 7 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे किए। यह भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना से जुड़ी रही है। यह केवल सत्ता और शासन तक सीमित नहीं रही, बल्कि जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास तक पहुंची है।

जेवर एयरपोर्ट से उद्योग और वैश्विक कनेक्टिविटी को मिलेगी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को मिली बड़ी सौगात है। आने वाले समय में यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट करने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री के प्रति प्रदेश सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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काशी से शुरू हुआ जुड़ाव, यूपी के विकास तक पहुंचा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नरेंद्र मोदी काशी से निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उत्तर प्रदेश की धरती से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। वर्ष 2014 में काशी आगमन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘मुझे मां गंगा ने बुलाया है।’ इसके बाद काशी और प्रधानमंत्री का रिश्ता राजनीतिक प्रतिनिधित्व से आगे बढ़कर शहर के विकास, आध्यात्मिक पुनर्जागरण और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास से जुड़ गया। केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार के समन्वय से राज्य में विकास की नई कार्यसंस्कृति बनी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक जड़ता, असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। इसके बाद पारदर्शी प्रशासन, तकनीक आधारित सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल माहौल को विकास का आधार बनाया गया।

65 लाख परिवारों को आवास, 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को घर मिले हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न दिया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 2.46 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में इस योजना का व्यापक असर पड़ा है। जनधन योजना, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और बैंक मित्रों के नेटवर्क से वित्तीय समावेशन को भी मजबूती मिली है।

आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज तक, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में करीब 6.08 करोड़ कार्ड बनाए गए हैं। राज्य में 9.90 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज मिला है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 1.09 करोड़ से अधिक मरीजों को 18,798 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार का लाभ मिला है। आरोग्य मेलों के जरिए 14.67 करोड़ लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स का संचालन भी स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है।

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3.37 करोड़ शौचालय, 1.86 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में 3.37 करोड़ से अधिक शौचालय और 59,183 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। प्रदेश सरकार होली और दीपावली पर महिलाओं को मुफ्त सिलेंडर भी उपलब्ध करा रही है। उन्होंने नमामि गंगे परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए काम हुआ है। काशी समेत गंगा के विभिन्न तटों पर विकास और संरक्षण की परियोजनाओं से धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को बढ़ावा मिला है।

एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

मुख्यमंत्री के मुताबिक, लखपति दीदी अभियान के तहत 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 15 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक मदद मिली है। स्वामित्व योजना के तहत 91 हजार से अधिक गांवों में काम हुआ और 1.10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरौनी के रूप में संपत्ति का प्रमाण मिला है। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण के साथ ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण और अनुसूचित जाति-जनजाति समेत समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।

यूपी के स्थानीय उत्पादों को मिला वैश्विक मंच

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक जिला, एक उत्पाद यानी ओडीओपी योजना ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज के इत्र और लखनऊ की जरदोजी जैसे उत्पादों को वैश्विक मंच मिला। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को यूपी के स्थानीय उत्पाद उपहार में देने से लोकल से ग्लोबल की अवधारणा को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न, दूध, गन्ना, आम, आंवला और मोटे अनाज के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

9.50 लाख सरकारी नियुक्तियां, 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए हैं। प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां हुई हैं, जबकि 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि विदेश से करीब 100 वर्ष पुरानी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा वापस लाई गई और काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित की गई। भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष 127 वर्ष बाद भारत लौटे। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।

काशी तमिल संगमम से राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने काशी तमिल संगमम, अभिधम्म दिवस, बौद्ध सर्किट, संत रविदास जन्मस्थली विकास परियोजना, संग्रहालय और प्रतिमा परियोजनाओं, चौरी-चौरा शताब्दी आयोजन तथा लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्र प्रेरणा स्थल का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी के संगीत और लखनऊ की पाक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। सारनाथ से जुड़े बौद्ध स्थलों की पहचान बढ़ाने और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयास भी किए गए हैं।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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