
लखनऊ, 14 सितंबर 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रदेशवासियों के नाम अपनी ‘योगी की पाती’ लिखकर आस्था, पर्यावरण, कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भर प्रदेश को एक ही सूत्र में पिरोया है। गणेश चतुर्थी की शुभकामनाओं के साथ सीएम ने भगवान गणेश के स्वरूप और जीवन-दर्शन में छिपे प्रकृति संरक्षण के संदेश को सामने रखा तो 17 सितंबर को होने वाली विश्वकर्मा पूजा को विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण से जोड़ दिया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश शुभत्व एवं मंगल के आराध्य हैं। प्रदेश में विशेषकर युवाओं द्वारा घरों में गणपति की स्थापना और श्रद्धा से पूजन को उन्होंने सामाजिक एकता तथा राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करने वाला बताया।
योगी ने गणेश जी के स्वरूप को पर्यावरण और जीव-जंतुओं से जोड़ते हुए कहा कि उनका गजमुख जंगलों और वन्यजीवों और मूषक वाहन भूमि की उर्वरता और कृषि का प्रतीक है। विशाल उदर संपूर्ण ब्रह्मांड को समाहित करने का भाव देता है। बड़े कान प्रकृति की हर पुकार सुनने का संदेश देते हैं।
गणेश चतुर्थी में पूजे जाने वाले ‘एकविंशति पत्र’ यानी 21 प्रकार की विशेष पत्तियों को उन्होंने औषधीय पौधों के संरक्षण से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री ने लोकमान्य तिलक का उल्लेख करते हुए कहा कि गणेशोत्सव ने आस्था को एकता, एकता को जनशक्ति और जनशक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का काम किया।
वहीं 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की पूजा को उन्होंने कौशल, तकनीक और निर्माण की शक्ति से जोड़ा। योगी ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और आधुनिक आधारभूत ढांचे नए यूपी की बढ़ती ताकत का प्रमाण हैं लेकिन असली निर्माण प्रदेश के लोगों के हुनर, विचार और उद्यमिता से होगा।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
सामाजिक एकता एवं राष्ट्र के प्रति अपने संकल्प को सुदृढ़ करने वाले महापर्व गणेश चतुर्थी की आप सभी को कोटि-कोटि मंगलकामनाएं।
गणेशोत्सव के ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना सृजन तथा निर्माण के स्वरूप भगवान विश्वकर्मा के पूजन में दिखाई देती है। 17 सितंबर को… pic.twitter.com/HxsJta5uYm
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 14, 2026
सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी), उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों, युवाओं और उद्यमियों को कौशल, उपकरण, वित्त और बाजार से जोड़ा जा रहा है।
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल नारे के बजाय व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों का सम्मान बढ़ेगा तो कारीगरों के हाथों को काम, युवाओं को रोजगार और यूपी की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।






