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योगी की पाती : दीपोत्सव से पहले CM योगी ने लिखी चिट्ठी, बोले- सत्ता का अर्थ अधिकार नहीं, दायित्व है

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के दसवें भव्य दीपोत्सव को बताया सनातन चेतना और सांस्कृतिक गौरव का महापर्व, वंचित परिवारों की दीपावली रोशन करने और स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीदने की अपील

लखनऊ, 2 नवंबर 2026:

अयोध्या में दसवें भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव की तैयारियों के बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ लिखी है। इस चिट्ठी के जरिए उन्होंने दीपोत्सव को केवल दीप जलाने का पर्व नहीं बल्कि सनातन चेतना के पुनर्जागरण, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए त्याग, मर्यादा, समर्पण और सेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

सीएम योगी ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्रीअयोध्या धाम अपने दसवें भव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए पुलकित है। दीपोत्सव अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आस्था से विकास की यात्रा का प्रतीक है। प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति से जुड़े इस पर्व पर उन्होंने कहा कि दीपक की छोटी-सी लौ भी घने अंधकार में नई उम्मीद जगाने का संदेश देती है।

भरत के त्याग का उदाहरण देकर बताया सत्ता का वास्तविक अर्थ

मुख्यमंत्री ने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए भरत के त्याग और समर्पण को शासन व्यवस्था के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने लिखा कि भरत जी ने 14 वर्षों तक राजसुख का त्याग कर प्रभु श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर प्रतिष्ठित रखा और अयोध्या का संचालन किया। यह प्रसंग सिखाता है कि सत्ता का वास्तविक अर्थ अधिकार नहीं अपितु दायित्व है। योगी के मुताबिक अयोध्या का दीपोत्सव त्याग, मर्यादा और समर्पण की इसी भावना को विश्वपटल पर स्थापित कर रहा है।

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आस्था के साथ अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा

योगी ने सरयू तट पर सजी दीपमाला, राम की पैड़ी पर लाखों दीपों की जगमगाहट, ड्रोन से होने वाली आकाशीय प्रस्तुतियों और कलाकारों की सहभागिता का जिक्र करते हुए दीपोत्सव की भव्यता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आस्था और जनभागीदारी को विकास की शक्ति बनाकर उत्तर प्रदेश ने उत्सव प्रदेश के रूप में नई पहचान बनाई है।

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मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम बताते हुए कहा कि इससे कुम्हारों, पुष्प विक्रेताओं, होटल व्यवसायियों और स्थानीय व्यापारियों को रोजगार एवं आय के नए अवसर मिलते हैं। उन्होंने सुरक्षा, निवेश, विकास और रोजगार के बीच संबंध बताते हुए कहा कि जहां सुरक्षा है वहीं निवेश और समृद्धि के अवसर हैं।

वंचित परिवारों की दीपावली रोशन करने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विशेष अपील की कि वे अपने आसपास किसी वंचित परिवार को देखें तो अपनी क्षमता के अनुसार उसकी दीपावली भी रोशन करें। ऐसे परिवारों को दीये, मिठाइयां और नए वस्त्र भेंट कर उनके जीवन में खुशियां लाने का प्रयास करें। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने, नकारात्मकता से दूर रहने और स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया।

योगी ने स्थानीय कारीगरों के दीप और अन्य उत्पाद खरीदकर उनके परिश्रम को प्रोत्साहित करने की भी अपील की। इसके साथ ही प्रदेशवासियों से परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम की नगरी में दीपोत्सव की दिव्य छटा का साक्षी बनने का आग्रह किया। चिट्ठी के अंत में उन्होंने हर घर में खुशहाली, हर मन में सद्भाव और प्रदेश की निरंतर प्रगति की मंगलकामना करते हुए ‘सियावर रामचंद्र की जय’ का उद्घोष किया।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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