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विश्व पर्यावरण दिवस : मां के नाम से पौधा रोपा, योगी ने शुरू किया 5 करोड़ पौधों का महाअभियान

मुख्यमंत्री ने आवास और कुकरेल वनक्षेत्र में किया पौधरोपण, महर्षि चरक औषधि वन की हुई स्थापना, कहा, जलवायु संकट से निपटने के लिए हर व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी।

लखनऊ, 5 जून 2026:

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर आम का पौधा लगाकर एक पेड़ मां के नाम अभियान में सहभागिता की। इसके बाद कुकरेल वनक्षेत्र पहुंचकर उन्होंने प्रदेशव्यापी पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में एक दिन में पांच करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का फर्ज है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो प्रकृति बचेगी और प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो जीव-जगत का अस्तित्व भी बना रहेगा।

कुकरेल वनक्षेत्र में महर्षि चरक औषधि वन की स्थापना की शुरुआत की। यहां आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया पर्यावरण संकट की चुनौती का सामना कर रही है। मौसम चक्र में बदलाव, अतिवृष्टि, अनावृष्टि और बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं इसी संकट की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि यह काफी हद तक मानवजनित समस्या है और इसका समाधान भी समाज को मिलकर ही निकालना होगा। लोगों को ऐसे कार्यों से दूर रहना चाहिए जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि प्रकृति संरक्षण से जुड़े प्रयासों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास किया गया है। वर्ष 2017 में पांच करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य के साथ शुरू हुआ अभियान आज बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर चुका है। उन्होंने बताया कि नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जिससे वन क्षेत्र के विस्तार में भी मदद मिली है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जननी और जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हर व्यक्ति का दायित्व है। प्रभु श्रीराम के संदेश जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण मातृभूमि के प्रति सबसे बड़े दायित्वों में शामिल है।

उन्होंने बताया कि पौधरोपण के साथ-साथ सरकार प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने, जल संरक्षण बढ़ाने और पारंपरिक रोजगारों को प्रोत्साहन देने पर भी काम कर रही है। सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर मिट्टी के बर्तनों को बढ़ावा दिया गया है। इसके लिए माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हार और प्रजापति समाज को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अप्रैल से जून तक तालाबों से निशुल्क मिट्टी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दिया गया है। विकास प्राधिकरणों के माध्यम से बड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में इसकी व्यवस्था अनिवार्य की गई है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ें, पौधे लगाएं और उनकी देखभाल भी करें ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण मिल सके। कार्यक्रम में डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, केपी मलिक, बलदेव सिंह औलख, दानिश आजाद अंसारी, संजय प्रसाद, वी हेकाली झिमोमी और सुनील चौधरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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