
लखनऊ, 30 अगस्त 2026:
यूपी में जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े वर्षों पुराने मामलों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि आम नागरिक को न्याय के लिए वर्षों तक अधिकारियों और राजस्व न्यायालयों के चक्कर लगाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी। उन्होंने नायब तहसीलदार की कोर्ट से लेकर राजस्व परिषद तक पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर समयबद्ध ढंग से निस्तारित कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड में तैनात पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने खास तौर पर धारा 33 के अविवादित वरासत मामलों को मिशन मोड में निस्तारित कराने को कहा। राजस्व परिषद की ओर से नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश, अंश निर्धारण, वरासत, बंटवारा और भू-उपयोग से जुड़े मामलों की जिलावार स्थिति मुख्यमंत्री के सामने रखी गई। बैठक में पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों वाले शीर्ष पांच जिलों और प्रदेश में सबसे लंबे समय से लंबित शीर्ष 10 प्रकरणों की जानकारी भी दी गई।
डीएम खुद करेंगे कोर्टवार समीक्षा
योगी आदित्यनाथ ने सभी डीएम को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा स्वयं करें। लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उनका निस्तारण कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मामलों का तेजी से निस्तारण होने से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें वर्षों तक सरकारी कार्यालयों तथा अदालतों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।

आईजीआरएस पर भी फर्जी निस्तारण बर्दाश्त नहीं
जनता दर्शन और आईजीआरएस में मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण महज कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए अपितु शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए।
समीक्षा में कुछ ऐसे मामले सामने आए जिनमें मूल शिकायत के बजाय किसी दूसरी जानकारी के आधार पर प्रकरण निस्तारित कर दिया गया या आवश्यक रिपोर्ट लिए बिना ही शिकायत बंद कर दी गई।
मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों की दोबारा समीक्षा कर तथ्यपरक रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए। असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों में मुख्यमंत्री कार्यालय संबंधित डीएम या पुलिस कप्तान से पांच दिन में स्पष्टीकरण मांगेगा। योगी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्या का वास्तविक और स्थायी समाधान करना है।
अपराध में कमी फिर भी पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश
समीक्षा के दौरान 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच अपराध की स्थिति का भी विश्लेषण हुआ। 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त के दौरान कुल एफआईआर में 0.4 प्रतिशत, गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने पुलिस जोन और रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस के निर्देश दिए। महिला और बच्चों से जुड़े अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई, महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने तथा छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों एवं फील्ड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर राजस्व न्यायालयों, जनशिकायतों एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि 05 वर्ष से अधिक पुराने… pic.twitter.com/UHczPwCpdG
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 29, 2026
जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन के लिए अलग क्राउड प्लान
आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और गणेश चतुर्थी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था पहले से पुख्ता करने को कहा। मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विस्तृत क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग योजना और जरूरत के अनुसार होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित करने, आवश्यक पुलिस बल लगाने और मथुरा-वृंदावन के लिए अलग-अलग ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत पर भी सीएम की नजर
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में गरम और भरपेट भोजन, गुणवत्तापूर्ण राहत सामग्री तथा अस्पतालों में एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाने और लंपी डिजीज से बचाव के लिए पशुपालन विभाग को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखने के साथ गो-तस्करी, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ और महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर 24×7 सतर्कता बरतने को कहा। स्लाटर हाउस की औचक जांच और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।






