Bihar

जहरीली शराब से 40 मौतें: दिलीप जायसवाल ने शराबबंदी के फायदों की की चर्चा

पटना,18 अक्टूबर 2024

छपरा, सिवान और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 40 से ज्यादा लोगों की हुई मौत के बाद राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस के नेता अजीत शर्मा ने शराबबंदी खत्म कर दोगुने रेट पर शराब बेचने की सलाह दी। इस पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि जब तक शराब इस बिहार में चल रहा था जो समाज की हालात बेहद खराब थी। विशेष तौर से महिलाओं पर उत्पीड़न होता था।

जायसवाल ने आगे कहा कहा शराब पीकर लोग जिस तरह से अपराध की घटना करते थे अब उसमें कमी आयी है। अभी के शराबबंदी से अपराध हिंसा और विशेष करके जो महिलाओं का शोषण उत्पीड़न होता था इसमें बहुत कमी आई है।

शराबबंदी की तूलना शराबबिक्री के दौर से की जानी चाहिए। उस दौर में गाड़ी के एक्सीडेंट सबसे ज्यादा होते थे। अपराध अधिक होते थे। अब साल में एक दो घटना होती है।

लेकिन क्या हम समाज के संस्कारों को बिगाड़ कर कमाई की बात हो सकते हैं। क्या हम आने वाले भविष्य के बच्चों के जनरेशन को जिंदगी को बर्बाद कर दें।लेकिन क्या हम समाज के संस्कारों को बिगाड़ कर कमाई की बात हो सकते हैं। क्या हम आने वाले भविष्य के बच्चों के जनरेशन को जिंदगी को बर्बाद कर दें।

जो भी शराब खोलने की बात करते हैं उन लोगों का नैतिक पतन हो गया है। कितना आराम से बोल देते हैं कि शराब से कमाई कर हम जो बिहार का विकास करेंगे कभी यह नहीं बोलते हैं कि बिहार के माहौल को ठीक करके हम यहां उद्योग लाकर बिहार का विकास करेंगे।

बिहार के अंदर पर्यटन स्थल है उसको डेवलप कर विकास कर बिहार का विकास करेंगे और मौजूदा सरकार कर रही है। लेकिन इन सब बातों की चर्चा नहीं हो रही है हमारे अंदर जितने अच्छाई है। उसको अगर विकसित करें तो बिहार बहुत आगे बढ़ेगा और बढ़ रहा है। यह बार-बार बोलने की शराब खोल करके मैं बता देता हूं कि जो जो नेता यह बोल रहे हैं जनता समझ रही है जो नेता बोल रहा है शराबबंदी को खुलवा देंगे।

उनका शराब माफियाओं के साथ प्रभाव में है और इस बात की जांच होनी चाहिए कि जो नेता बोल रहे हैं कि शराब बंदी खुलवा देंगे शराब माफिया से उनका क्या रिश्ता है। उसकी जांच होनी चाहिए सरकार से अनुरोध करेंगे उसकी जांच करा जाए।

शराब से मौत हुई है….इस पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि जब शराब चल रही थी उस समय से कितनी मौतें हुई थी। प्रेस और मीडिया को यह देखना चाहिए 10 गुना कमी हुआ इस तरह, लेकिन आज कोई जब पकड़े जाते हैं तो पता चलता है कि सभी लोग उन्हीं लोगों से संबंध है मैं तो कहता हूं कि इसकी जांच होनी चाहिए। आखिर इसके पीछे कौन लोग हैं शराब माफियाओं का कहीं ना कहीं मनोबल बढ़ाने का काम कर रहे है ये लोग।

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