
लखनऊ, 29 अगस्त 2026:
यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आंदोलन शनिवार को एक बार फिर राजधानी की सड़कों पर दिखा। तमाम अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की। अभ्यर्थियों ने विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए खाली पदों पर नियुक्ति के लिए मेरिट डाउन करने की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना पर हजरतगंज के एसीपी रजनीश वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों से बातचीत की और मंगलवार तक बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर धरना स्थल ईको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी इरशाद अहमद ने बताया कि 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग ने एक एफिडेविट दाखिल किया था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि एफिडेविट में दिए गए आंकड़े उनकी चिंताओं का समाधान नहीं करते हैं। यशवंत कुमार के मुताबिक विभाग ने कुल 8270 पदों का आंकड़ा सूची के साथ प्रस्तुत किया है।
अभ्यर्थियों के अनुसार इनमें 3324 पद ओबीसी वर्ग से जुड़े ऐसे पद बताए गए हैं जिन पर पहले नियुक्ति हो जानी चाहिए थी लेकिन नियुक्ति नहीं हो सकी। वहीं 4946 पद ऐसे बताए गए हैं जिनके लिए अभ्यर्थियों को नौकरी के लिए बुलाया गया था लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया।

यही आंकड़ा अब आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के निशाने पर है। उनका सवाल है कि जब 4946 पदों पर कोई अभ्यर्थी ज्वाइन करने नहीं पहुंचा तो इन पदों से जुड़े नाम अब तक सूची में क्यों बरकरार हैं? अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसे पदों को रिक्त मानते हुए मेरिट डाउन कर नीचे के अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया जाना चाहिए।
एफिडेविट के मुताबिक रिक्त पदों में जनरल के 1144, ओबीसी के 2524, एससी के 1244 और एसटी के 34 पद शामिल हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इन रिक्तियों को भरने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए। अब आंदोलनकारियों की नजर मंगलवार को मंत्री से प्रस्तावित मुलाकात पर है। प्रदर्शन में अनन्त यादव, भोला अम्बेडकर, धर्मवीर प्रजापति, आशुतोष पटेल, नजमा, अर्चना, शिखा मौर्या, किरन यादव, अर्चना मौर्य, संदीप सिंह समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे।






