लखनऊ, 16 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के पॉश एरिया हजरतगंज के नरही में करीब 90 वर्षों से संचालित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल में लगा ताला खुलने के बाद भी छात्राओं, टीचरों और अभिभावकों की चिंताएं कम नहीं हो रही हैं। बेटियों के विद्यालय पर कब्जे की कोशिश का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में पहुंच गया है।विपक्षियों ने एडीएम कोर्ट का आदेश निरस्त होने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया है।

विद्यालय की प्रबंधक संतोष रस्तोगी और माध्यमिक शिक्षा विभाग के वकीलों ने सोमवार को कोर्ट में अपना पक्ष दाखिल किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। इससे पहले हाईकोर्ट का नोटिस रातोंरात विद्यालय के गेट पर चस्पा किया गया। विद्यालय प्रबंधन का दावा है कि ये नोटिस 14 जून को लगाया गया जबकि उसे जारी करने की तारीख 11 जून लिखी है। मालूम हो कि गत 4 जून को एडीएम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर हजरतगंज पुलिस ने विपक्षी पार्टी को विद्यालय पर कब्जा दे दिया था।
अचानक स्कूल बंद होने से नाराज छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक सड़क पर उतर आए थे। बेटियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विद्यालय को बचाने की गुहार लगाई थी। प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि यह सिर्फ भवन या जमीन का विवाद नहीं बल्कि सैकड़ों छात्राओं के भविष्य का सवाल है। इस प्रदर्शन में सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा, स्थानीय सपा नेता बद्री यादव, कांग्रेस नेता सुभाष श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए थे।

इस मामले में the ho halla ने प्रमुखता से खबरें चलाईं। इसके साथ बढ़ते जनदबाव और आपत्तियों के बाद एडीएम कोर्ट ने विशेष सुनवाई में अपना आदेश स्थगित कर दिया। इसके बाद 10 जून को ताला खोला गया और विद्यालय बेटियों को वापस मिल गया था। उस दौरान उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आरपी मिश्रा, जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा समेत कई शिक्षक नेता और स्थानीय नागरिक भी मौके पर पहुंचे थे। अब ये मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। प्रबंधक का कहना है कि विद्यालय में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।






