बाराबंकी, 11 जून 2026:
जिले में दवाओं के कारोबार को लेकर चल रही जांच के दौरान औषधि विभाग ने 22 ऐसी होलसेल मेडिकल फर्मों का पता लगाया है, जो सिर्फ कागजों पर चल रही थीं। निर्धारित पते पर इन फर्मों का कोई अस्तित्व नहीं मिला। विभाग ने सभी फर्मों के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट अयोध्या मंडल के औषधि नियंत्रक को भेज दी है।
कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री और सप्लाई की शिकायतों के बाद जिले में मेडिकल कारोबार की पड़ताल शुरू की गई थी। करीब चार महीने पहले दो मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इसके बाद जिले की 550 से अधिक होलसेल मेडिकल फर्मों के लाइसेंस और संचालन की जांच शुरू हुई।
विभाग ने अब तक 125 फर्मों की जांच पूरी कर ली है। जांच के दौरान नवीगंज की अमीना इंटरप्राइजेज, सत्यप्रेमी नगर की एसएन फार्मा, धनोखर चौराहा की राजू फार्मा, चित्रगुप्त नगर की जाक्सा फार्मा, घोसियाना की व्यो फार्मा, नाका पैसार की मेडीसीज फार्मा, आलापुर की स्पार्कस फार्मा, टिकैतनगर की आरएन फार्मा, शहाबपुर का वर्मा मेडिकल, मोहम्मदपुर चौकी की सतीजा फार्मा, आवास विकास की कार्तिक फार्मा और शहाबपुर की मैयज फार्मा समेत कुल 22 फर्में मौके पर संचालित नहीं मिलीं।
विभागीय जांच में सामने आया कि इन फर्मों के नाम पर लाइसेंस जारी हैं, लेकिन संबंधित पते पर कोई कारोबारी गतिविधि नहीं हो रही थी। इससे फर्जी लाइसेंस के जरिए दवाओं के अवैध कारोबार की आशंका और मजबूत हुई है। विभाग के मुताबिक अब तक 125 फर्मों की जांच में 22 फर्में केवल कागजों पर संचालित मिलीं हैं। बाकी फर्मों की जांच भी जारी है। हो सकता है फर्जी फर्मों की संख्या बढ़ जाये।






