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महादेवा: काशी की तर्ज पर विकसित होगा कॉरिडोर, 5 एंट्री गेट, CCTV से कमांड सेंटर तक जानें पूरी तैयारी

रामनगर के लोधेश्वर धाम में अक्टूबर 2027 तक तैयार होगा कॉरिडोर, 48.79 करोड़ की Tourism Development Project में 12,980 वर्गमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प, परकोटे के चारों तरफ 3.25 मीटर चौड़ा covered corridor, 52 टॉयलेट, मेडिकल सेंटर और कमांड सेंटर की सुविधा

बाराबंकी, 26 अप्रैल 2026:

रामनगर स्थित लोधेश्वर महादेव धाम में अब श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन की सुविधा नहीं मिलेगी, बल्कि पूरा कॉरिडोर आधुनिक Visitor Facility Complex के तौर पर तैयार किया जा रहा है। अप्रैल 2026 में शुरू हुए निर्माण कार्य का कुछ दिन पूर्व सीएम योगी आदित्यनाथ ने जायजा लिया था। तमाम खूबियां समेटे इस कॉरिडोर को अक्टूबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।

महाभारत काल से जुड़ी है लोधेश्वर धाम की मान्यता

रामनगर तहसील के महादेवा गांव में घाघरा नदी के किनारे स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर की पहचान पुराने शिवधाम के तौर पर है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहां महायज्ञ किया था। मंदिर परिसर में मौजूद पांडव-कूप को इसी मान्यता से जोड़ा जाता है। यहां के शिवलिंग को भारत के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में शामिल माना जाता है। मंदिर के नाम को लोधरम नामक ब्राह्मण से जोड़कर भी एक धार्मिक मान्यता प्रचलित है। कहा जाता है कि भगवान शिव के आदेश के बाद उन्होंने शिवलिंग की खोज की थी। महाशिवरात्रि पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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एक-दूसरे से जुड़ीं होंगीं जरूरी सुविधाएं

लोधेश्वर महादेव धाम के कॉरिडोर को काशी की तर्ज पर विकसित करने की योजना के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका शिलान्यास कर चुके हैं। सरकार की योजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ लोधेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने की है। करीब 48.79 करोड़ रुपये की Tourism Development Project में सबसे खास काम परकोटे के चारों तरफ बनने वाला covered corridor है। इसकी चौड़ाई 3.25 मीटर होगी और कुल लंबाई 652 running meter रखी गई है। करीब 12,980 वर्गमीटर में होने वाले इस विकास कार्य में एंट्री गेट से लेकर क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, CCTV, कमांड सेंटर, पेयजल और बैठने जैसी सुविधाओं को एक साथ जोड़ा जा रहा है।

भीड़ के मूवमेंट को बेहतर तरीके से संभालेगा कॉरिडोर

लोधेश्वर धाम में परकोटे के साथ 652 मीटर लंबा covered corridor बनाया जा रहा है। इसकी चौड़ाई 3.25 मीटर होगी। इसका मकसद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में आने-जाने के दौरान धूप और बारिश से राहत देना है। बड़े धार्मिक आयोजनों में भी यह कॉरिडोर भीड़ के movement को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करेगा। परियोजना में पांच प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। इससे अलग-अलग दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं को परिसर में प्रवेश देने की व्यवस्था बेहतर होगी। पूरे परिसर की planning इस तरह की जा रही है कि भीड़ का दबाव एक ही जगह पर न बने और श्रद्धालुओं की आवाजाही ज्यादा व्यवस्थित रहे।

12,980 वर्गमीटर में तैयार होगा पूरा कॉम्प्लेक्स

पूरी परियोजना करीब 12,980 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। इसमें 2,734 वर्गमीटर का landscaped area भी होगा। हरियाली, खुले स्थान और परिसर की नई डिजाइन से मंदिर क्षेत्र को ज्यादा व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए नौ दुकानों की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे जरूरी सामान और पूजा सामग्री परिसर के भीतर ही मिल सकेगी। निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था C&D Services को दिया गया है। परियोजना के तहत मुख्य भवन, प्रवेश द्वार, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कमांड सेंटर, कॉरिडोर और दूसरे visitor facilities को एक ही योजना में तैयार किया जा रहा है।
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पुरुषों व महिलाओं के लिए 26-26 टॉयलेट

लोधेश्वर धाम में सबसे ज्यादा जोर basic facilities को मजबूत करने पर दिया गया है। परियोजना में पुरुष श्रद्धालुओं के लिए 26 और महिलाओं के लिए 26 टॉयलेट बनाए जाएंगे। दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए चार अलग टॉयलेट की व्यवस्था होगी। इसके साथ पेयजल की सुविधा, सिक्योरिटी स्टाफ हॉल, पेंट्री और क्लॉक रूम भी बनाया जा रहा है। क्लॉक रूम करीब 412 वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार होगा। इससे दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को अपना सामान सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी।

CCTV से निगरानी, Command Center से कंट्रोल

परिसर में security system को भी नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। CCTV cameras के साथ control room और command center बनाया जाएगा। इससे मंदिर परिसर में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी की जा सकेगी। किसी आपात स्थिति में सुरक्षा टीम को तुरंत जानकारी मिलने में मदद मिलेगी। मेडिकल सेंटर भी इसी परिसर का हिस्सा होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने वाले दिनों में यह सुविधा खास तौर पर काम आएगी। किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या प्राथमिक उपचार की जरूरत पड़ने पर मौके पर medical assistance उपलब्ध कराई जा सकेगी।

अप्रैल से तेज हुआ निर्माण, अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार के मुताबिक भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल 2026 से निर्माण ने रफ्तार पकड़ी है। अभी मुख्य भवन के foundation और piling का काम चल रहा है। इसके बाद परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में प्रवेश द्वार, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कमांड सेंटर, landscaping और visitor facilities का काम आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजना को अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का target रखा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद लोधेश्वर धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में दर्शन के साथ सुरक्षा, चिकित्सा, सामान रखने, पेयजल, शौचालय और आराम से जुड़ी कई सुविधाएं मिल सकेंगी।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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