लखनऊ, 11 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने एक सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया है। प्रथम दृष्टया जांच में अवैध निर्माण को लेकर लापरवाही और निर्माणकर्ता के साथ संभावित साठगांठ सामने आने पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही संबंधित सहायक अभियंता और तत्कालीन अवर अभियंता से भी जवाब तलब किया गया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई प्रवर्तन जोन-3 के सुपरवाइजर अली नकवी रिजवी के खिलाफ हुई है। मामला कृष्णानगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित लगभग 200 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखंड पर कराए जा रहे निर्माण से जुड़ा है।
आलमबाग निवासी प्रेम शंकर शर्मा ने एलडीए को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि वर्ष 2025 में सुपरवाइजर अली नकवी रिजवी ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद निर्माण दोबारा शुरू कराने के बदले रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि रुपये देने के बावजूद सुपरवाइजर ने निर्माणाधीन भवन की नोटिस कराते हुए गत 20 मई को परिसर को सील करा दिया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एलडीए उपाध्यक्ष ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित सुपरवाइजर ने अवैध निर्माण को रोकने के लिए अपेक्षित और प्रभावी कार्रवाई नहीं की। जांच में यह भी संकेत मिले कि निर्माणकर्ता और सुपरवाइजर के बीच साठगांठ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
लापरवाही उजागर होने पर उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अली नकवी रिजवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की विस्तृत जांच के लिए उप सचिव माधवेश कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। वहीं, प्रवर्तन जोन-3 के सहायक अभियंता जेएम सिंह तथा तत्कालीन अवर अभियंता ओमपाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।






