लखनऊ, 4 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को व्यापारियों को जीएसटी पंजीयन व्यवस्था के प्रति जागरूक करने और उनकी कर संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान करने के उद्देश्य से एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। लाटूश रोड स्थित लखनऊ व्यापार मंडल भवन में हुए कार्यक्रम में राज्य कर विभाग के विभिन्न खंडों के अधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।
संवाद के दौरान अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी पंजीयन के लाभ, इसकी आवश्यकता और व्यापारिक गतिविधियों में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उपस्थित व्यापारियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कर संबंधी विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
कार्यक्रम में लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने व्यापारियों की ओर से कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने हाल ही में लागू की गई ई-वे बिल निरस्तीकरण (कैंसिलेशन) संबंधी व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था व्यवहारिक दृष्टि से व्यापारियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। उनका कहना था कि ई-वे बिल की पहले से निर्धारित वैधता अवधि होती है। परिवहन के दौरान किसी कारणवश समय सीमा समाप्त हो जाने पर व्यापारियों को दोबारा ई-वे बिल जनरेट करना पड़ता है। इससे समय और संसाधनों की अतिरिक्त खपत होती है।
इस मुद्दे पर अधिकारियों और व्यापारियों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने तथा कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यापारी हितैषी बनाने के लिए आपसी सहयोग एवं समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर उदय प्रताप सिंह, उपायुक्त राखी सिंह, अनिल कुमार, पूनम गुप्ता, प्रमोद विश्वकर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर अनुपमा सिंह, राज्य कर अधिकारी संजय सिंह एवं रवि भूषण उपस्थित रहे। वहीं व्यापारियों की ओर से सतीश अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता, अनिल वरमानी, पवन मनोचा, देवेंद्र गुप्ता, अनुराग मिश्र, जितेंद्र सिंह चौहान, सुहैल हैदर अल्वी, अरविंद पाठक, नितिन जैन, मनीष गुप्ता समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।






