योगेंद्र मलिक
देहरादून, 4 जून 2026:
राजधानी देहरादून में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के वाहन चलाने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। विभाग अब पारंपरिक चेकिंग के साथ-साथ डिजिटल तकनीक की मदद से भी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नजर रख रहा है।
आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रवर्तन कार्रवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। विभाग द्वारा अब तक लगभग 5,100 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के वाहन संचालित करने पर 2,500 रुपये का जुर्माना निर्धारित है और ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
डॉ. चमोला ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष में ई-डिटेक्शन प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके तहत टोल प्लाजाओं पर फास्टैग के माध्यम से वाहनों का सत्यापन कर स्वचालित ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड का भी उपयोग किया जा रहा है।
कैमरों की मदद से बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों की पहचान कर ऑनलाइन चालान भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर तैनात प्रवर्तन दल नियमित जांच अभियान चला रहे हैं, जबकि डिजिटल निगरानी व्यवस्था समानांतर रूप से कार्य कर रही है। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे समय पर अपने वाहनों का प्रदूषण परीक्षण कराकर वैध पीयूसी प्रमाणपत्र ले लें।






