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UP पुलिस भर्ती परीक्षा में हाईटेक निगरानी का असर, 21.92 लाख अभ्यर्थी हुए शामिल, फर्जीवाड़े पर 12 केस

9 आरोपी गिरफ्तार, ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक सत्यापन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से नकल माफिया पर शिकंजा, भर्ती बोर्ड ने पारदर्शिता पर जताया भरोसा

लखनऊ, 11 जून 2026

यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी (सिपाही) नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा प्रदेशभर में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो गई। 8, 9 और 10 जून को 75 जिलों के 1183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित इस विशाल परीक्षा में 21.92 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा के लिए 28.86 लाख अभ्यर्थियों को बुलाया गया था जिनमें से 75.94 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे।

भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस बार अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया गया। ई-केवाईसी सत्यापन, बायोमेट्रिक मिलान, सीसीटीवी निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के माध्यम से नकल और फर्जी दस्तावेजों के जरिए परीक्षा में शामिल होने के प्रयासों को प्रभावी ढंग से रोका गया।

परीक्षा के दौरान कई जिलों में फर्जीवाड़े के मामले सामने आए। उन पर तत्काल कार्रवाई हुई। गौतमबुद्धनगर के मिहिर भोज पीजी कॉलेज केंद्र पर एक अभ्यर्थी ई-केवाईसी मिलान में पकड़ा गया। जांच में उसके द्वारा कूटरचित आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई। इसके बाद दादरी थाने में केस दर्ज किया गया। वहीं अलीगढ़ के डीएवी बालिका इंटर कॉलेज केंद्र पर एक युवक दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया। बायोमेट्रिक जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया।

भर्ती बोर्ड ने परीक्षा संबंधी शिकायतों और अफवाहों पर भी सख्त रुख अपनाया। बोर्ड द्वारा जारी व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वाले कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यूट्यूब चैनल Shubham Mittal सहित कई इंस्टाग्राम अकाउंट्स के विरुद्ध लखनऊ के हुसैनगंज थाने में केस दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत कार्रवाई जारी है।

कानपुर नगर के एक परीक्षा केंद्र पर भी एक संदिग्ध अभ्यर्थी को जांच के लिए रोका गया। प्रारंभिक जांच में कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग की आशंका सामने आई है और मामले की पड़ताल जारी है। भर्ती बोर्ड के अनुसार अब तक परीक्षा से जुड़े 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

फर्जीवाड़ा, प्रतिरूपण, दस्तावेजों की कूटरचना और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। बोर्ड ने परीक्षा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, तकनीकी टीमों और अभ्यर्थियों के सहयोग की सराहना की है।

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