लखनऊ, 11 जून 2026:
यूपी को देश और दुनिया के निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘इन्वेस्ट यूपी’ और ‘इन्वेस्ट इंडिया’ के बीच उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में निवेश संवर्धन, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ावा देने तथा राज्य में निवेश परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
‘इन्वेस्ट इंडिया’ की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी निवृत्ति राय की उपस्थिति में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य दोनों संस्थाओं के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत बनाना था। बैठक में यूपी में निवेश की नई संभावनाओं की पहचान करने, निवेशकों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा निवेश सुविधा तंत्र को अधिक सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान निवृत्ति राय ने राष्ट्रीय निवेश परिदृश्य, विभिन्न राज्यों में संचालित प्रमुख निवेश परियोजनाओं की प्रगति तथा निवेश संवर्धन से जुड़े नए और उभरते रुझानों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने वैश्विक और घरेलू निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं, निवेश के नए क्षेत्रों तथा प्रतिस्पर्धी निवेश वातावरण में राज्यों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। प्रस्तुति ने प्रदेश के लिए निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं और रणनीतियों को लेकर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण उपलब्ध कराया।

चर्चा में विशेष रूप से एफडीआई को आकर्षित करने और विदेशी निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों संस्थाओं ने निवेशकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने, परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और निवेश से जुड़ी बाधाओं को कम करने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की निवेश संवर्धन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निवेशकों को एक सहज और भरोसेमंद अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल निवेश प्रस्तावों को गति मिलेगी, बल्कि बड़े निवेशों के वास्तविक क्रियान्वयन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरन आनंद, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रेरणा शर्मा, शशांक चौधरी सहित विभाग के कई अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन्वेस्ट इंडिया और इन्वेस्ट यूपी के बीच यह सहयोग राज्य के निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को नई मजबूती प्रदान करेगा। साथ ही यह प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की आकांक्षाओं को नई ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





