लखनऊ/अयोध्या, 16 जून 2026:
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े गबन के मामले में जांच रफ्तार पकड़ रही है। तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) 24 घंटे में मंगलवार को दोबारा अयोध्या पहुंची, जहां टीम मंदिर के पुजारियों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों और पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। जांच टीम वित्तीय रिकॉर्ड, दान प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की भी पड़ताल कर रही है।
बता दें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी सोमवार दोपहर अयोध्या पहुंची थी। यहां टीम लगभग छह घंटे रही और पड़ताल की।शासन ने टीम को सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है। जांच शुरू होने के बाद मंदिर परिसर, संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच पूरे मामले को लेकर चर्चा तेज है।
मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि मामला केवल धन के लेनदेन तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के भरोसे से भी जुड़ा हुआ है। इसी वजह से जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सबकी नजर टिकी है।
उधर धर्म सेना प्रमुख और पूर्व शिवसेना नेता संतोष दुबे मंगलवार को थाना राम जन्मभूमि पहुंचे और पुलिस को तहरीर सौंपी। उन्होंने चार नामजद लोगों समेत कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। दुबे का आरोप है कि चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो वह अदालत का रुख करेंगे। विरोध के तौर पर बुधवार को सरयू तट पर पहुंचकर सरयू नदी को तहरीर अर्पित करने की भी घोषणा की गई है।
घपला और जांच से अलग इस पूरे प्रकरण से श्रद्धालु भी आहत हैं। उनका कहना है कि धार्मिक स्थान कोई भी हो वहां किसी भी अपराध की इजाजत नहीं है। सालों के इंतजार के बाद बना राममंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है। गबन करने वालों को चिन्हित कर उन्हें सजा देने के साथ एक-एक पाई वसूली जाए।






