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वर्ल्ड सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी डे : चौक में सजी स्वाद और विरासत की महफिल

फूड हेरिटेज वॉक के जरिए पर्यटकों ने जाना लखनऊ के व्यंजनों, इतिहास और संस्कृति का अनूठा संगम, देखा ऐतिहासिक वैभव

लखनऊ, 18 जून 2026:

वर्ल्ड सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी डे यानी विश्व सतत गैस्ट्रोनॉमी दिवस के अवसर पर राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने गुरुवार को यूपी की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक चौक क्षेत्र में विशेष ‘फूड हेरिटेज वॉक’ का आयोजन किया। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने लखनऊ की समृद्ध पाक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जानने का अवसर प्राप्त किया।

इस पहल का मकसद सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय खाद्य परंपराओं और पारंपरिक व्यंजनों के संरक्षण का संदेश देना था। फूड हेरिटेज वॉक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इनमें व्यंजन प्रेमी, पर्यटक, विरासत संरक्षण में रुचि रखने वाले लोग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स शामिल रहे। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने चौक की उन ऐतिहासिक गलियों का भ्रमण किया जो वर्षों से लखनऊ की खाद्य संस्कृति की पहचान रही हैं। कई पीढ़ियों से संजोकर रखी गईं परंपराओं के बारे में स्थानीय प्रतिष्ठानों के संचालकों से संवाद के माध्यम से जाना।
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इस यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को पारंपरिक अवधी व्यंजनों के विशिष्ट स्वाद के साथ-साथ उनसे जुड़ी रोचक कहानियों से भी परिचित कराया गया। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार ये व्यंजन आज भी लखनऊ की विशिष्ट गैस्ट्रोनॉमिक पहचान को आकार दे रहे हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की खाद्य परंपराओं, शिल्पकला और सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर लाकर पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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उन्होंने कहा कि लखनऊ को यूनेस्को द्वारा ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा मिलना उसकी समृद्ध व्यंजन विरासत का प्रमाण है। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने राजा की ठंडाई, गोल दरवाजा, सेवक राम मिष्ठान भंडार और अकबरी गेट जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। उन्हें लखनऊ की स्थापत्य कला, ऐतिहासिक महत्व और विश्वप्रसिद्ध खानपान संस्कृति के बारे में जानकारी दी गई।

स्वाद की इस यात्रा ने प्रतिभागियों को शहर के बहुआयामी इतिहास से भी परिचित कराया। टूर गाइड शेषांक ने चौक क्षेत्र से जुड़े कई अल्पज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरक गाथाएं सुनाईं और प्राचीन मंदिरों के इतिहास पर प्रकाश डाला। मान्यता है कि इनमें से कई मंदिर एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराने हैं।

प्रतिभागी मोहन जैन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह वॉक लखनऊ के व्यंजनों, संस्कृति और इतिहास का अद्भुत संगम थी। वहीं यूपीएसटीडीसी के चेयरमैन अमृत अभिजात ने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल की वास्तविक पहचान उसके व्यंजनों के माध्यम से सबसे बेहतर तरीके से समझी जा सकती है। उन्होंने बताया कि ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत ऐसे अनुभव विकसित किए जा रहे हैं जो पर्यटकों को प्रदेश की विरासत, स्थानीय समुदायों और परंपराओं से जोड़ते हुए जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा दें। यह पहल लखनऊ को देश के प्रमुख गैस्ट्रोनॉमिक पर्यटन स्थलों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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