देहरादून, 20 जून 2026:
उत्तराखंड की मशहूर लीची ने अब यूरोपीय बाजार में भी दस्तक दे दी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से देहरादून से इटली के लिए एक मीट्रिक टन ताजी लीची की पहली खेप रवाना की गई। यह उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस खेप के साथ उत्तराखंड की प्रीमियम लीची यूरोप के बाजार तक पहुंच गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय ताजा फल बाजार में भारत की मौजूदगी मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही हिमालयी क्षेत्र के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को भी नई पहचान मिलेगी।
देहरादून की लीची अपनी खास मिठास, गहरे लाल रंग, सोंधी खुशबू और बेहतर गूदे की गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिले इसकी पैदावार के प्रमुख केंद्र हैं। यहां रोज सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना जैसी प्रीमियम किस्में उगाई जाती हैं, जिनकी मांग देश के साथ विदेशी बाजारों में भी बढ़ रही है।
इस निर्यात से किसानों को आर्थिक फायदा भी मिला है। मौजूदा घरेलू बाजार की तुलना में उत्पादकों को करीब 25 फीसदी अधिक कीमत मिली है। माना जा रहा है कि इससे बेहतर गुणवत्ता वाली खेती को बढ़ावा मिलेगा और ज्यादा किसान निर्यात आधारित बागवानी से जुड़ेंगे।
इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में एपीडा, उत्तराखंड सरकार, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), लॉजिस्टिक्स भागीदारों और दूसरे हितधारकों की अहम भूमिका रही। बेहतर तालमेल के चलते उत्तराखंड की लीची अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकी।
एपीडा बाजार विस्तार, गुणवत्ता मानकों, बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के जरिए भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।






