
लखनऊ, 21 जून 2026:
यूपी में नकली दवाओं और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा में 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी आपूर्ति की दवाएं जब्त की हैं। एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में 8 अवैध गोदाम सील किए गए हैं, जबकि 6 एफआईआर दर्ज कर कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
लखनऊ स्थित एफएसडीए मुख्यालय द्वारा गठित 25 औषधि निरीक्षकों की विशेष टीमों ने 22 से 24 मई और 12 से 14 जून तक आगरा में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। खत्री गली, फव्वारा, संजय प्लेस, कमला नगर, झूलेलाल मार्केट और दयालबाग जैसे प्रमुख दवा कारोबार केंद्रों में 20 से अधिक दवा फर्मों, 12 गोदामों और कई संदिग्ध परिसरों की जांच की गई।
जांच के दौरान बड़ी मात्रा में ‘फिजिशियन सैंपल-नॉट फॉर सेल’ अंकित दवाएं, सरकारी अस्पतालों और डिफेंस सप्लाई की औषधियां, एक्सपायर्ड स्टॉक तथा संदिग्ध नकली दवाएं बरामद हुईं। सबसे बड़ी कार्रवाई झूलेलाल मार्केट स्थित मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस से जुड़े दो अवैध गोदामों पर हुई। उनसे करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं बरामद की गईं। यहां जीवनरक्षक इंजेक्शन और वैक्सीन बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के रखे मिले। मामले में नारायण दास हंसराजनी, किशोर मेहता और पुनीत कटार समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
अभियान के दौरान एफएसडीए ने ऑक्सॉलजिन डीपी टैबलेट के नकली निर्माण और वितरण से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का भी खुलासा किया। जाइडस लाइफसाइंसेज की शिकायत पर शुरू हुई जांच आगरा से अलीगढ़ और फिर उत्तराखंड के रुड़की तक पहुंची। डिजिटल साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। श्री मेडिकल एजेंसीज के सीलबंद गोदाम से लगभग 50 लाख रुपये की दवाएं बरामद की गईं और चार आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया।

दूसरे चरण की कार्रवाई में खत्री गली स्थित गौरव मेडिको से जुड़े परिसर से करीब 40 लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुईं। यहां निरस्त लाइसेंस वाले गोदाम का अवैध उपयोग किया जा रहा था। वहीं दयालबाग में एक आवासीय परिसर से सरकारी आपूर्ति की दवाएं, इंसुलिन और अन्य जीवनरक्षक औषधियां बिना वैध लाइसेंस के मिलीं। जांच में री-लेबलिंग और मूल्य परिवर्तन के संकेत भी मिले।
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा औषधि बाजार है। बेहतर कनेक्टिविटी तथा विशाल उपभोक्ता आधार के कारण यह अवैध कारोबारियों के निशाने पर रहता है। आगरा इस नेटवर्क का प्रमुख ट्रांजिट और वितरण केंद्र बन चुका था। आगरा से दवाओं की खेप प्रदेश के विभिन्न शहरों तक पहुंचाई जाती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा माफिया और नकली दवा नेटवर्क के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






