
लखनऊ, 23 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहन रोड पर शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में कथित एफडी घोटाले को लेकर मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी खाताधारकों का आक्रोश फूट पड़ा। बैंक खुलते ही बड़ी संख्या में पीड़ित शाखा के बाहर जमा हो गए और विरोध स्वरूप बैंक में ताला जड़कर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। हमारा पैसा वापस करो के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इससे बैंक का कामकाज भी प्रभावित हुआ।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बैंक मित्र शिवा राव और उसके साथी दीपक ने अधिक ब्याज का लालच देकर एफडी के नाम पर लोगों से लाखों रुपये जमा कराए थे। बाद में उन्हें पता चला कि उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित नहीं है। उनका कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद पीड़ितों को उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिली है।

जमाकर्ताओं का कहना कि 22 मई को बैंक के प्रधान कार्यालय में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्हें भरोसा दिया गया था कि 22 जून तक सभी पीड़ितों का पैसा लौटा दिया जाएगा। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ तो सोमवार को पीड़ितों ने शाखा के अंदर प्रदर्शन किया। उस दौरान शाखा के चीफ मैनेजर ने 24 घंटे के भीतर मामले की प्रगति से अवगत कराने का आश्वासन दिया था।
मंगलवार सुबह भी जब बैंक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो खाताधारकों का धैर्य जवाब दे गया। बैंक खुलने से पहले ही लोग शाखा के बाहर पहुंच गए और खुलते ही मुख्य द्वार पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के चलते बैंक की सेवाएं प्रभावित हुईं अन्य ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी जमा धनराशि वापस नहीं की जाती और बैंक प्रशासन इस पूरे मामले में पारदर्शी व ठोस कार्रवाई नहीं करता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। लगातार दूसरे दिन हुए इस प्रदर्शन ने बैंक प्रबंधन की कार्यशैली और पीड़ितों को दिए गए आश्वासनों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






